{"_id":"6957eb3ae85e23b7790b3976","slug":"the-villagers-of-baat-panchayat-are-deprived-of-road-facilities-chamba-news-c-88-1-cmb1002-170924-2026-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: बाट पंचायत के ग्रामीण सड़क सुविधा से महरूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: बाट पंचायत के ग्रामीण सड़क सुविधा से महरूम
Fri, 02 Jan 2026 09:28 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 02 Jan 2026 09:28 PM IST
विज्ञापन
साहो (चंबा)। ग्राम पंचायत बाट के छह गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। बच्चों का स्कूल जाना, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना ग्रामीणों के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया है। स्कूल और अन्य सुविधाएं लगभग पांच किमी किलोमीटर दूर हैं, जिससे दैनिक जीवन मुश्किल हो गया है।
इन गांवों तक पहुंचने वाले रास्ते जंगली और असुरक्षित हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सुरक्षित रूप से इन रास्तों से नहीं गुजर पाते। ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जोखिम उठाना पड़ता है।
पूर्व उप प्रधान चरण सिंह, ग्राम प्रतिनिधि रमेश शर्मा, वार्ड सदस्य धर्म सिंह ने बताया कि सड़क सुविधा उपलब्ध करवाई जाए तो बच्चों का स्कूल जाना आसान होगा और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। क्योंकि, खड़ी चढ़ाई में बच्चे पैदल स्कूल पहुंचते है और भालुओं का पहले से ही आतंक फैला हुआ है।
विज्ञापन
बरसात के समय और दिक्कतें होती हैं। स्थानीय लोगों और पंचायत प्रतिनिधि ने सरकार और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द सोहबेई, सुंधाट, चौगान, सलपडी, मेल मलैटी और ओंद गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाए। इससे न केवल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं सुगम होंगी बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार आएगा।
विज्ञापन
इन गांवों तक पहुंचने वाले रास्ते जंगली और असुरक्षित हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सुरक्षित रूप से इन रास्तों से नहीं गुजर पाते। ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जोखिम उठाना पड़ता है।
विज्ञापन
पूर्व उप प्रधान चरण सिंह, ग्राम प्रतिनिधि रमेश शर्मा, वार्ड सदस्य धर्म सिंह ने बताया कि सड़क सुविधा उपलब्ध करवाई जाए तो बच्चों का स्कूल जाना आसान होगा और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। क्योंकि, खड़ी चढ़ाई में बच्चे पैदल स्कूल पहुंचते है और भालुओं का पहले से ही आतंक फैला हुआ है।
विज्ञापन
बरसात के समय और दिक्कतें होती हैं। स्थानीय लोगों और पंचायत प्रतिनिधि ने सरकार और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द सोहबेई, सुंधाट, चौगान, सलपडी, मेल मलैटी और ओंद गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाए। इससे न केवल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं सुगम होंगी बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार आएगा।