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Chamba News: जरीस और घेवर के स्वाद ने बदला जिंदगी की जायका
Mon, 22 Dec 2025 11:05 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 22 Dec 2025 11:05 PM IST
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चंबा। जिले के बनगोटू मोहल्ले की रहने वाली उमा शर्मा ने घेवर, जरीस, चुख और अचार बनाकर पहचान हासिल की है। 26 साल से ये उत्पाद बना रहीं उमा का हुनर अब सिर्फ चंबा तक सीमित नहीं है बल्कि दिल्ली और अन्य राज्यों में भी उनके उत्पाद लोकप्रिय हो चुके हैं।
उनके घेवरे और जरीस का स्वाद लोगों को काफी पसंद आ रहा है। उमा शर्मा ने अब तक 150 महिलाओं को यह पारंपरिक कला सिखाई। उनके अनुसार यह सिर्फ मिठाई बनाने का हुनर नहीं बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार देने का जरिया भी है।
कई महिलाएं अब अपने स्तर पर चंबा जरीस और घेवर बनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर चुकी हैं। उमा शर्मा का कहना है कि जरीस और घेवर का स्वाद पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी सराहा है। उनकी बनाई जरीस की कीमत 600 रुपये प्रतिकिलो है। उमा शर्मा का सपना है कि यह उनका यह कार्य राष्ट्रीय स्तर पर एक ब्रांड बन जाए और नई पीढ़ी तक इसका हुनर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह और अधिक महिलाओं को यह कला सिखाएंगी, ताकि पारंपरिक मिठाई और चंबा की विरासत हमेशा जीवित रहे।
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उनके घेवरे और जरीस का स्वाद लोगों को काफी पसंद आ रहा है। उमा शर्मा ने अब तक 150 महिलाओं को यह पारंपरिक कला सिखाई। उनके अनुसार यह सिर्फ मिठाई बनाने का हुनर नहीं बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार देने का जरिया भी है।
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कई महिलाएं अब अपने स्तर पर चंबा जरीस और घेवर बनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर चुकी हैं। उमा शर्मा का कहना है कि जरीस और घेवर का स्वाद पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी सराहा है। उनकी बनाई जरीस की कीमत 600 रुपये प्रतिकिलो है। उमा शर्मा का सपना है कि यह उनका यह कार्य राष्ट्रीय स्तर पर एक ब्रांड बन जाए और नई पीढ़ी तक इसका हुनर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह और अधिक महिलाओं को यह कला सिखाएंगी, ताकि पारंपरिक मिठाई और चंबा की विरासत हमेशा जीवित रहे।
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