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Chamba News: इलाज से पहले पर्ची की भागदौड़ ने दोगुना बढ़ा दिया मर्ज
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चंबा मेडिकल कॉलेज के पर्ची काउंटर में पर्ची बनाने के लिए जमीन पर बैठ अपनी बारी का इंतजार करता व
चंबा। दिन वीरवार। स्थान पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज। सुबह 9:30 बजे आपातकालीन पंजीकरण केंद्र में पर्ची नहीं बनने से मरीज परेशान हैं। जिले के दूरदराज इलाकों के मरीज पर्ची बनवाने के लिए आपातकालीन पंजीकरण केंद्र में पहुंच रहे हैं। यहां कार्यरत स्टाफ उन्हें मेडिकल कॉलेज प्रबंधन का हवाला देकर पर्ची बनाने से इन्कार कर रहा है। ओपीडी ब्लॉक में संचालित पंजीकरण केंद्र में मरीजों की लंबी कतारें लग चुकी हैं। यहां मरीज पर्ची बनवाने के लिए एक-दूसरे के साथ धक्का-मुक्की कर रहे हैं। सुबह 10:00 बजे ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी हैं। सभी मरीज मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के फैसले को कोसते हुए नजर आ रहे हैं। कई मरीज पैदल आपातकालीन वार्ड से पर्ची न बनने पर निराश होकर ओपीडी ब्लॉक के पंजीकरण केंद्र में पहुंच कर कतारों में खड़े हो रहे हैं। दोपहर 12:00 बजे तक ओपीडी ब्लाॅक के पंजीकरण केंद्र पर मरीजों की भीड़ लग गई है। आपातकालीन वार्ड का पंजीकरण केंद्र खाली नजर आ रहा है।
सुबह 70 किलोमीटर किहार से चंबा का सफर करके मेडिकल कॉलेज पहुंचा। जब पर्ची बनवाने के लिए आपातकालीन वार्ड के पंजीकरण काउंटर पर पहुंचा तो उन्हें पर्ची बनाने से इन्कार कर दिया।
हनीफ, निवासी किहार
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में विस्तार करना चाहिए। इस प्रकार के फैसलों से मरीजों की परेशानी बढ़ी है।
हरीश, निवासी धरवाला
मेडिकल कॉलेज में जिलेभर से मरीज अपना इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में पर्ची बनाने के लिए दो काउंटर होने चाहिए। इससे मरीजों को पर्ची बनवाने में सुवधा होगी।
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अनुज, निवासी पुखरी
आपातकालीन कक्ष और ओपीडी ब्लॉक के पंजीकरण केंद्रों में पर्ची बनने से मरीजों को लाभ मिल रहा था। प्रबंधन ने इस सुविधा को बंद करके मरीजों की परेशानी को बढ़ाने का काम किया है।
भारती, निवासी तीसा
पंजीकरण केंद्र में जब पर्ची बनवाने पहुंचे तो उन्हें बाहर लिखा बोर्ड देखने के लिए कहा गया। इसे पढ़कर उन्हें काफी निराशा हुई। दूसरी जगह पर्ची के लिए कतार में खड़ा होना पड़ा।
शशि, निवासी गोली
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जालम भारद्वाज ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के विभिन्न डॉक्टरों से परामर्श करके आपातकालीन वार्ड में सामान्य मरीजों की पर्ची न बनाने का निर्णय लिया है। इस वार्ड में केवल इमरजेंसी सेवाएं दी जा सकती हैं।
मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि मरीजों को एक जगह पर्ची बनने से परेशानी हो रही है तो इसको लेकर प्राचार्य से चर्चा करके पुरानी व्यवस्था को लागू करने की व्यवस्था करवाई जाएगी।
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सुबह 70 किलोमीटर किहार से चंबा का सफर करके मेडिकल कॉलेज पहुंचा। जब पर्ची बनवाने के लिए आपातकालीन वार्ड के पंजीकरण काउंटर पर पहुंचा तो उन्हें पर्ची बनाने से इन्कार कर दिया।
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हनीफ, निवासी किहार
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में विस्तार करना चाहिए। इस प्रकार के फैसलों से मरीजों की परेशानी बढ़ी है।
हरीश, निवासी धरवाला
मेडिकल कॉलेज में जिलेभर से मरीज अपना इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में पर्ची बनाने के लिए दो काउंटर होने चाहिए। इससे मरीजों को पर्ची बनवाने में सुवधा होगी।
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अनुज, निवासी पुखरी
आपातकालीन कक्ष और ओपीडी ब्लॉक के पंजीकरण केंद्रों में पर्ची बनने से मरीजों को लाभ मिल रहा था। प्रबंधन ने इस सुविधा को बंद करके मरीजों की परेशानी को बढ़ाने का काम किया है।
भारती, निवासी तीसा
पंजीकरण केंद्र में जब पर्ची बनवाने पहुंचे तो उन्हें बाहर लिखा बोर्ड देखने के लिए कहा गया। इसे पढ़कर उन्हें काफी निराशा हुई। दूसरी जगह पर्ची के लिए कतार में खड़ा होना पड़ा।
शशि, निवासी गोली
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जालम भारद्वाज ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के विभिन्न डॉक्टरों से परामर्श करके आपातकालीन वार्ड में सामान्य मरीजों की पर्ची न बनाने का निर्णय लिया है। इस वार्ड में केवल इमरजेंसी सेवाएं दी जा सकती हैं।
मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि मरीजों को एक जगह पर्ची बनने से परेशानी हो रही है तो इसको लेकर प्राचार्य से चर्चा करके पुरानी व्यवस्था को लागू करने की व्यवस्था करवाई जाएगी।