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Chamba News: अभी नहीं खुले भूस्खलन से बंद सलूणी और पांगी के मार्ग
Mon, 06 Apr 2026 10:40 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 06 Apr 2026 10:40 PM IST
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जिले में मौसम ने बदली करवट, जमकर बरसे मेघ, लोगों की बढ़ीं दुश्वारिया
65 गांवों में तीन दिनों से पसरा अंधेरा, बिजली न होने से मोबाइल बने शोपीस
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले में सोमवार दोपहर बाद अचानक से मौसम ने करवट बदली। इसके बाद बारिश का क्रम शुरू हो गया। दोपहर 3 बजे के बाद रुक-रुककर होने वाली बारिश ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं।
पटरी से बीते तीन दिन से उतरीं सेवाएं अभी तक पूरी तरह से सुचारू नहीं हो पाई हैं। इस कारण लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। जिले में अभी भी 65 गांवों में अंधेरा पसरा है। इस कारण लोगों को मजबूरन अपने मोबाइल चार्ज करने के लिए दूसरे गांवों का रुख करना पड़ रहा है। सलूणी और पांगी में भूस्खलन के कारण यातायात के लिए बंद मार्ग अभी तक बहाल नहीं हो पाए हैं। पटरी से उतरीं सेवाओं को सुचारू करने के लिए विभागीय टीमें डटी हैं।
जिले में मौसम की मार ने पशुपालकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अप्रैल के पहले सप्ताह में होने वाली बारिश के कारण मवेशी पालकों का चारा खत्म होने के कगार पर है। ऐसे में इस बारिश ने अब फिर से पशुपालकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। जिले के सलूणी और भटियात में तीन-तीन ट्रांसफार्मर, भरमौर, डलहौजी और चंबा में दो-दो ट्रांसफार्मर बंद होने से 65 गांवों में अंधेरा पसरा है। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि जिला में पटरी से उतरी सेवाओं को सुचारू करने के लिए विभागीय टीमें डटी हैं। जल्द सेवाएं सुचारू करवाने के प्रयास रहेंगे।
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65 गांवों में तीन दिनों से पसरा अंधेरा, बिजली न होने से मोबाइल बने शोपीस
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले में सोमवार दोपहर बाद अचानक से मौसम ने करवट बदली। इसके बाद बारिश का क्रम शुरू हो गया। दोपहर 3 बजे के बाद रुक-रुककर होने वाली बारिश ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं।
पटरी से बीते तीन दिन से उतरीं सेवाएं अभी तक पूरी तरह से सुचारू नहीं हो पाई हैं। इस कारण लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। जिले में अभी भी 65 गांवों में अंधेरा पसरा है। इस कारण लोगों को मजबूरन अपने मोबाइल चार्ज करने के लिए दूसरे गांवों का रुख करना पड़ रहा है। सलूणी और पांगी में भूस्खलन के कारण यातायात के लिए बंद मार्ग अभी तक बहाल नहीं हो पाए हैं। पटरी से उतरीं सेवाओं को सुचारू करने के लिए विभागीय टीमें डटी हैं।
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जिले में मौसम की मार ने पशुपालकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अप्रैल के पहले सप्ताह में होने वाली बारिश के कारण मवेशी पालकों का चारा खत्म होने के कगार पर है। ऐसे में इस बारिश ने अब फिर से पशुपालकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। जिले के सलूणी और भटियात में तीन-तीन ट्रांसफार्मर, भरमौर, डलहौजी और चंबा में दो-दो ट्रांसफार्मर बंद होने से 65 गांवों में अंधेरा पसरा है। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि जिला में पटरी से उतरी सेवाओं को सुचारू करने के लिए विभागीय टीमें डटी हैं। जल्द सेवाएं सुचारू करवाने के प्रयास रहेंगे।
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