{"_id":"68962f67b8e1f3805c0536d3","slug":"the-net-bolt-of-a-moving-swing-came-out-and-children-were-riding-on-it-chamba-news-c-88-1-ssml1006-157932-2025-08-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: चलते झूले का निकला नेट बोल्ट, सवार थे बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: चलते झूले का निकला नेट बोल्ट, सवार थे बच्चे
Fri, 08 Aug 2025 11:11 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 08 Aug 2025 11:11 PM IST
विज्ञापन
चंबा मिंजर मेले के दौरान लगाए गए झूले का नेट ढीला होने के बाद बच्चों को झूले से उतारते परिजन।सं
चंबा। मिंजर मेले के लिए झूला मैदान में स्थापित हेलीकाप्टर झूले का नेट-बोल्ट खुलने से इसमें सवार बच्चे बाल-बाल बचे। शुक्रवार दोपहर को अभिभावक झूले के साथ खड़े थे और अपने बच्चों को आनंदित देख काफी खुश थे, इसी दौरान एक जोरदार आवाज हुई। ऑपरेटर ने तुरंत झूले को रोक दिया। जब अभिभावकों ने उनसे पूछा कि यह आवाज कहां से आई तो उसने बताया कि एक नेट बोल्ट निकल गया है, जिसे ठीक करके झूला दोबारा चालू करवा दिया जाएगा।
इतने में सहमे अभिभावकों ने अपने बच्चों को झूले से नीचे उतार दिया, जो लोग टिकट खरीदकर बच्चों को झूले में चढ़ाने का इंतजार कर रहे थे, उन्होंने भी टिकट लौटा दिए। गनीमत यह रही कि नेट-बोल्ट निकलने पर झूला अनियंत्रित नहीं हुआ, अन्यथा बड़ा हादसा भी हो सकता था। प्रत्यक्षदर्शी हनीश, परवीन, अशोक कुमार, वीरेंद्र, संजय कुमार और सुनील ने बताया कि मिंजर के लिए जब इन झूलों को स्थापित किया गया था तो उस दौरान सुरक्षा व्यवस्था की जांच नहीं की गई। झूले के मौजूदा परिस्थिति की भी जांच नहीं की गई। प्रशासन को बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए झूलों की एक्सपर्ट से पूरी जांच करवानी चाहिए।
विज्ञापन
इतने में सहमे अभिभावकों ने अपने बच्चों को झूले से नीचे उतार दिया, जो लोग टिकट खरीदकर बच्चों को झूले में चढ़ाने का इंतजार कर रहे थे, उन्होंने भी टिकट लौटा दिए। गनीमत यह रही कि नेट-बोल्ट निकलने पर झूला अनियंत्रित नहीं हुआ, अन्यथा बड़ा हादसा भी हो सकता था। प्रत्यक्षदर्शी हनीश, परवीन, अशोक कुमार, वीरेंद्र, संजय कुमार और सुनील ने बताया कि मिंजर के लिए जब इन झूलों को स्थापित किया गया था तो उस दौरान सुरक्षा व्यवस्था की जांच नहीं की गई। झूले के मौजूदा परिस्थिति की भी जांच नहीं की गई। प्रशासन को बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए झूलों की एक्सपर्ट से पूरी जांच करवानी चाहिए।
विज्ञापन