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युवकों की मौत से परिजनों पर टूटा मुसीबतों का पहाड़
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भरमौर (चंबा)। लाहल में रिश्तेदार के शादी समारोह में शामिल होने के लिए हंसी-खुशी निकले अनिल और आशीष कुमार की मौत दोनों परिवारों को ताउम्र न भूलने वाले जख्म दे गई। सड़क हादसे में अनिल कुमार की मौत से उसके परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। अनिल के पिता मेघाराम और मां इकलौते बेटे की हादसे में मौत की खबर से बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़े। अनिल की दोनों बहनों को विश्वास नहीं हो रहा है कि उनका भाई अब इस दुनिया में नहीं रहा है। जैसे-तैसे बेटियां मां-बाप को दिलासा देकर ढांढस बंधाती रहीं।
हादसे में काल का ग्रास बने अनिल कुमार की तीन वर्ष पहले शादी हुई है। उसका एक डेढ़ वर्ष का बेटा है। अनिल की पत्नी अपने रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए पहले से ही लाहल में मौजूद थी। शुक्रवार शाम को इसी शादी में शामिल होने के लिए अनिल और आशीष लाहल जा रहे थे। दोनों को को क्या पता था कि पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर सुंकू दी टपरी के पास मौत उन्हें अपने आगोश में समाने को लेकर खड़ी है। दोनों की मौत की खबर से गांवों में मातम पसरा हुआ है। आशीष के पिता कांगड़ा में रहते हैं।
बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद वह अन्य रिश्तेदारों के साथ भरमौर पहुंचे। सिविल अस्पताल में कागजी औपचारिकताओं सहित पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के शवों को परिजन घर ले गए। दोपहर बाद पैतृक श्मशानघाटों में पर दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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हादसे में काल का ग्रास बने अनिल कुमार की तीन वर्ष पहले शादी हुई है। उसका एक डेढ़ वर्ष का बेटा है। अनिल की पत्नी अपने रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए पहले से ही लाहल में मौजूद थी। शुक्रवार शाम को इसी शादी में शामिल होने के लिए अनिल और आशीष लाहल जा रहे थे। दोनों को को क्या पता था कि पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर सुंकू दी टपरी के पास मौत उन्हें अपने आगोश में समाने को लेकर खड़ी है। दोनों की मौत की खबर से गांवों में मातम पसरा हुआ है। आशीष के पिता कांगड़ा में रहते हैं।
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बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद वह अन्य रिश्तेदारों के साथ भरमौर पहुंचे। सिविल अस्पताल में कागजी औपचारिकताओं सहित पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के शवों को परिजन घर ले गए। दोपहर बाद पैतृक श्मशानघाटों में पर दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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