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Chamba News: घेपांग घाट स्थित हिमनद झील में लगातार हो रहा विस्तार
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चंबा के पांगी के घेपांग घाट स्थित हिमनद झील। जागरूक पाठक
पांगी (चंबा)।
जनजातीय क्षेत्र पांगी के घेपांग घाट स्थित हिमनद झील में लगातार विस्तार दर्ज किया गया है। इस कारण बाढ़ की आशंका बनी हुई है। इससे पांगी क्षेत्र के शौर, अजोग, छाऊ, साच और फिंडरु क्षेत्र में नुकसान हो सकता है।
इस बीच पांगी प्रशासन ने संभावित जोखिम को कम करने और आपदा की स्थिति में प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित करने निर्णय लिया है। बुधवार को उपमंडल पांगी में संभावित ग्लेशियर झील या झरना फटने से उत्पन्न खतरे को देखते हुए आवासीय आयुक्त पांगी रमन घरसंगी ने किलाड़ स्थित लाइब्रेरी हॉल में पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
बैठक में आवासीय आयुक्त ने बताया कि तीन दशकों में घेपांग घाट स्थित हिमनद झील में लगातार विस्तार दर्ज किया गया है। इसके कारण झील के अचानक टूटने से बाढ़ की आशंका बनी हुई है। इससे पांगी क्षेत्र के निचले गांवों में आपदा की स्थिति बन सकती है।
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उन्होंने कहा कि संभावित जोखिमों को कम करने और आपदा की स्थिति में प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने को स्थानीय लोगों को शीघ्र ही विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण में आपदा प्रबंधन, समय पर अलर्ट प्राप्त करने और सुरक्षित निकासी मार्गों की पहचान, सामुदायिक समन्वय और प्राथमिक प्रतिक्रिया जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। आवासीय आयुक्त ने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे ग्रामीणों को जागरूक करने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और प्रशासन के सभी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी योगेश वर्मा, अधिशासी अभियंता जल शक्ति विभाग राम रत्न और विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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जनजातीय क्षेत्र पांगी के घेपांग घाट स्थित हिमनद झील में लगातार विस्तार दर्ज किया गया है। इस कारण बाढ़ की आशंका बनी हुई है। इससे पांगी क्षेत्र के शौर, अजोग, छाऊ, साच और फिंडरु क्षेत्र में नुकसान हो सकता है।
इस बीच पांगी प्रशासन ने संभावित जोखिम को कम करने और आपदा की स्थिति में प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित करने निर्णय लिया है। बुधवार को उपमंडल पांगी में संभावित ग्लेशियर झील या झरना फटने से उत्पन्न खतरे को देखते हुए आवासीय आयुक्त पांगी रमन घरसंगी ने किलाड़ स्थित लाइब्रेरी हॉल में पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
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बैठक में आवासीय आयुक्त ने बताया कि तीन दशकों में घेपांग घाट स्थित हिमनद झील में लगातार विस्तार दर्ज किया गया है। इसके कारण झील के अचानक टूटने से बाढ़ की आशंका बनी हुई है। इससे पांगी क्षेत्र के निचले गांवों में आपदा की स्थिति बन सकती है।
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उन्होंने कहा कि संभावित जोखिमों को कम करने और आपदा की स्थिति में प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने को स्थानीय लोगों को शीघ्र ही विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण में आपदा प्रबंधन, समय पर अलर्ट प्राप्त करने और सुरक्षित निकासी मार्गों की पहचान, सामुदायिक समन्वय और प्राथमिक प्रतिक्रिया जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। आवासीय आयुक्त ने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे ग्रामीणों को जागरूक करने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और प्रशासन के सभी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी योगेश वर्मा, अधिशासी अभियंता जल शक्ति विभाग राम रत्न और विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।