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माटी की नाटी और लोगों के प्यार ने ब्रिटिश संसद में दिलाया सम्मान : कुलदीप

Sat, 03 Aug 2024 10:36 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Sat, 03 Aug 2024 10:36 PM IST
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The dance of the soil and the love of the people got respect in the British Parliament: Kuldeep
कुलदीप शर्मा।संवादहिमाचली गायक वाली खबर के साथ
चंबा। माटी की नाटी गाने वाले हिमाचल के एक संगीतकार को ब्रिटिश संसद में सम्मानित किया गया। यह हिमाचल की जनता के प्यार की वजह से ही मुमकिन हो पाया।
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हिमाचल की जनता ने उनकी नाटी को इतना प्यार दिया कि वह भारत नहीं, बल्कि विदेशों में भी काफी चर्चित रही। यह बात हिमाचली नाटी किंग कुलदीप शर्मा ने चंबा में विशेष बातचीत के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि ब्रिटिश संसद में दुनिया भर से 60 कलाकारों को सम्मान देने के लिए बुलाया गया था। इसमें भारत की तरफ से तीन लोग वहां गए थे। इसमें एक वह स्वयं थे। दो राजस्थान और पंजाब से संबंधित थे। उन्हें यह सम्मान इसलिए दिया गया, क्योंकि उन्होंने अपनी नाटी के जरिये हिमाचल की संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास किया है। उनका यह प्रयास हमेशा जारी रहेगा। इसको लेकर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी नाम दर्ज हुआ है।
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उन्होंने कहा कि इससे पहले केवल बॉलीवुड और पंजाबी कलाकारों को ही विदेशों में बुलाया जाता था। अब हिमाचली कलाकारों को भी बुलाने का प्रचलन शुरू हो गया है। आने वाले समय में हिमाचल के कलाकारों का डंका पूरी दुनिया में बजेगा। इसके लिए कलाकारों को भी समय के साथ खुद को अपडेट करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 में बैजनाथ महाशिवरात्रि के मंच में वह प्रस्तुति के दौरान फेल हो गए। उनके कार्यक्रम को लोगों ने ज्यादा पसंद नहीं किया। इससे वह निराश नहीं हुए, बल्कि कड़ी मेहनत की। लोगों की पसंद को ध्यान में रखते हुए पहाड़ी गीतों की नाटी का एक गुलदस्ता तैयार किया। इसे लोगों ने काफी पसंद किया। ऐसी कोई शादी नहीं होती थी, जहां उनका गाया गीत रोहड़ू जाना मेरी आमीये नहीं बजता हो। उन्होंने कहा कि हिमाचल में होने वाले अंतरराष्ट्रीय मेलों में 60-40 का रेशो होना चाहिए। इसमें साठ प्रतिशत हिमाचली और 40 प्रतिशत बाहरी कलाकारों को मौका मिलना चाहिए। मिंजर मेले में प्रस्तुति देने के लिए वह हर साल इंतजार करते हैं। चौगान का मंच उन्हें काफी पसंद है।
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