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2024 के अंत तक टीबी से मुक्ति का है लक्ष्य : डॉ. जालम
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चंबा। सरकार की तरफ से निर्धारित मानकों के अनुसार प्रदेश को 2024 के अंत तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। यह बात जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जालम सिंह भारद्वाज ने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की विशेष मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। इस बैठक में विशेष रूप से डॉ. रविंद्र विश्व स्वास्थ्य संगठन हिमाचल प्रदेश मौजूद रहे। इसके अलावा जिला के खंड चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर, प्रयोगशाला तकनिशियन, फार्मेसी अफसर और आईसीटीसी काउंसलर उपस्थित रहे।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जालम ने बताया कि सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार हिमाचल प्रदेश को 2024 के अंत तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन प्रदर्शित करते हुए सभी स्वास्थ्य खंडों का क्रमवार चल रहे कार्यक्रम जैसे टीबी मुक्त ग्राम पंचायत, एसएन सर्वे, विकसित भारत कार्यक्रम पर चर्चा की गई। बैठक में जिले के हर टीबी रोगी के परिणाम में सुधार के लिए टीबी केस अधिसूचना और अन्य संकेतकों पर समीक्षा की गई। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि हरेक सीएचओ, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सीएचसी, सीएच, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज से टीबी के लक्षणों वाले मरीजों के सैंपल टीबी की जांच के लिए भेजा जाए। उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक में टीबी के मामलों का जल्द पता लगाने और मरीजों को हर प्राइमरी स्वास्थ्य संस्थान में ही हर सुविधा मुहैया करवाने पर जोर दिया। इस अवसर पर खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवदीप राठौर, डॉ. पद्मा और डॉ. विवेक सहित अन्य उपस्थित रहे।
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जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जालम ने बताया कि सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार हिमाचल प्रदेश को 2024 के अंत तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन प्रदर्शित करते हुए सभी स्वास्थ्य खंडों का क्रमवार चल रहे कार्यक्रम जैसे टीबी मुक्त ग्राम पंचायत, एसएन सर्वे, विकसित भारत कार्यक्रम पर चर्चा की गई। बैठक में जिले के हर टीबी रोगी के परिणाम में सुधार के लिए टीबी केस अधिसूचना और अन्य संकेतकों पर समीक्षा की गई। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि हरेक सीएचओ, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सीएचसी, सीएच, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज से टीबी के लक्षणों वाले मरीजों के सैंपल टीबी की जांच के लिए भेजा जाए। उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक में टीबी के मामलों का जल्द पता लगाने और मरीजों को हर प्राइमरी स्वास्थ्य संस्थान में ही हर सुविधा मुहैया करवाने पर जोर दिया। इस अवसर पर खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवदीप राठौर, डॉ. पद्मा और डॉ. विवेक सहित अन्य उपस्थित रहे।
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