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दस हजार कर्मी करेंगे शिमला में विस का घेराव
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चंबा। मंडी जिले के ऐतिहासिक सेरी मंच से राज्यपाल के अभिभाषण के साथ ही 23 फरवरी को न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ अपनी पद यात्रा का आगाज करेगा। मंडी से आरंभ होने वाली पद यात्रा के लिए चंबा से पांच कर्मचारी रवाना होंगे। उसके बाद तीन मार्च को शिमला में विशाल धरना होगा। न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष सुनील जरयाल ने चंबा में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान यह बात कही। कहा कि मंडी से शुरू होने वाली पदयात्रा के बाद भी एक व्यक्ति एनपीएसईए के राज्याध्यक्ष के साथ रहेगा।
शिमला धरने के लिए चंबा से दस हजार कर्मचारियों का आह्वान किया गया है। कहा कि उनकी मुख्य मांग पुरानी पेंशन बहाली है। सरकार कहती है कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए दो हजार करोड़ एकमुश्त और आवृत्ति 500 करोड़ चाहिए। सरकार एनपीएस लागू करती है तो उसे सात सौ करोड़ रुपये देना पड़ेगा जबकि, ओपीएस बहाल करने पर सरकार को एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ेगा। जरयाल ने कहा कि दिसंबर में सरकार ने एक कमेटी के गठन की बात कही थी। लेकिन, अभी तक यह कमेटी नहीं बन पाई है।
कहा कि सरकार कमेटी बना लेती तो कर्मचारी वर्ग को रैली और घेराव का रास्ता न चुनना पड़ता। कहा कि देश के कई अन्य राज्यों में पुरानी पेंशन की बहाली हो चुकी है लेकिन, अब प्रदेश में ही सरकार क्यों नहीं ओपीएस लागू कर रही है। इस मौके पर चालक-परिचालक महासंघ के महासचिव महेंद्र सिंह, जिला सर्वेयर यूनियन के अध्यक्ष दीपक भगवालियां, एनपीएसईए के राज्य प्रचार सचिव अमित जरयाल, एचआरटीसी के जेसीसी प्रधान कुलदीप कुमार, नगेंद्र गुप्ता, रचना महाजन, विजय शर्मा, व्यासदेव आदि मौजूद रहे।
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शिमला धरने के लिए चंबा से दस हजार कर्मचारियों का आह्वान किया गया है। कहा कि उनकी मुख्य मांग पुरानी पेंशन बहाली है। सरकार कहती है कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए दो हजार करोड़ एकमुश्त और आवृत्ति 500 करोड़ चाहिए। सरकार एनपीएस लागू करती है तो उसे सात सौ करोड़ रुपये देना पड़ेगा जबकि, ओपीएस बहाल करने पर सरकार को एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ेगा। जरयाल ने कहा कि दिसंबर में सरकार ने एक कमेटी के गठन की बात कही थी। लेकिन, अभी तक यह कमेटी नहीं बन पाई है।
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कहा कि सरकार कमेटी बना लेती तो कर्मचारी वर्ग को रैली और घेराव का रास्ता न चुनना पड़ता। कहा कि देश के कई अन्य राज्यों में पुरानी पेंशन की बहाली हो चुकी है लेकिन, अब प्रदेश में ही सरकार क्यों नहीं ओपीएस लागू कर रही है। इस मौके पर चालक-परिचालक महासंघ के महासचिव महेंद्र सिंह, जिला सर्वेयर यूनियन के अध्यक्ष दीपक भगवालियां, एनपीएसईए के राज्य प्रचार सचिव अमित जरयाल, एचआरटीसी के जेसीसी प्रधान कुलदीप कुमार, नगेंद्र गुप्ता, रचना महाजन, विजय शर्मा, व्यासदेव आदि मौजूद रहे।
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