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जहां नेटवर्क नहीं, वहां शिक्षक पहुंचाएंगे नोट्स
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teachers will give notes to students at their homes
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चंबा। जिले में दूरसंचार सेवाओं से वंचित क्षेत्रों में विद्यार्थियों को शिक्षक घर-द्वार ही नोट्स पहुंचाएंगे। शिक्षा विभाग ने इसके बारे में बाकायदा स्कूल प्रभारियों और मुख्याध्यापकों को निर्देश जारी कर दिए हैं। नए सत्र में पहुंचे विद्यार्थियों की पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो, इसके लिए शिक्षा विभाग सचेत है। शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार कोविड महामारी के दौरान विद्यार्थियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाने के लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच इस बार भी नये सत्र में नियमित तौर पर विद्यार्थियों की कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई इस महामारी से प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन कक्षाओं को शुरू करवा दिया है। इसके अलावा जिले के जो क्षेत्र दूरसंचार सेवाओं से वंचित हैं, उनमें बच्चों को शिक्षा की धारा से जोड़ने के लिए विभाग ने विद्यार्थियों को घर-द्वार संबंधित विषयों के नोट्स पहुंचाने का निर्णय लिया है। शिक्षा विभाग के सूत्रों की मानें तो भरमौर-पांगी, गरोला ब्लॉकों के तहत 26 के करीब स्कूलों के विद्यार्थियों को घर-द्वार नोट्स पहुंचाने का जिम्मा शिक्षकों का रहेगा। इसके अलावा जिले में 40 प्राथमिक और मिडल स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए भी इसी प्रकार की व्यवस्था शिक्षा विभाग ने की है।
उच्च शिक्षा उपनिदेशक देवेंद्र पाल ने कहा कि भरमौर-पांगी और गरोला के तहत 26 स्कूलों में बच्चों को घर-द्वार नोट्स पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। कहा कि कोरोना महामारी के प्रकोप के चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए यह व्यवस्था की गई है।
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शिक्षा उप अधिकारी हितेंद्र कुमार ने बताया कि जिले के 40 स्कूलों में दूरसंचार की व्यवस्था का अभाव है। लिहाजा, बच्चों तक नोट्स पहुंचाने का जिम्मा शिक्षकों को सौंपा गया है।
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कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच इस बार भी नये सत्र में नियमित तौर पर विद्यार्थियों की कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई इस महामारी से प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन कक्षाओं को शुरू करवा दिया है। इसके अलावा जिले के जो क्षेत्र दूरसंचार सेवाओं से वंचित हैं, उनमें बच्चों को शिक्षा की धारा से जोड़ने के लिए विभाग ने विद्यार्थियों को घर-द्वार संबंधित विषयों के नोट्स पहुंचाने का निर्णय लिया है। शिक्षा विभाग के सूत्रों की मानें तो भरमौर-पांगी, गरोला ब्लॉकों के तहत 26 के करीब स्कूलों के विद्यार्थियों को घर-द्वार नोट्स पहुंचाने का जिम्मा शिक्षकों का रहेगा। इसके अलावा जिले में 40 प्राथमिक और मिडल स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए भी इसी प्रकार की व्यवस्था शिक्षा विभाग ने की है।
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उच्च शिक्षा उपनिदेशक देवेंद्र पाल ने कहा कि भरमौर-पांगी और गरोला के तहत 26 स्कूलों में बच्चों को घर-द्वार नोट्स पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। कहा कि कोरोना महामारी के प्रकोप के चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए यह व्यवस्था की गई है।
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शिक्षा उप अधिकारी हितेंद्र कुमार ने बताया कि जिले के 40 स्कूलों में दूरसंचार की व्यवस्था का अभाव है। लिहाजा, बच्चों तक नोट्स पहुंचाने का जिम्मा शिक्षकों को सौंपा गया है।