{"_id":"6577fff22d34bc6b110719e8","slug":"taxi-operators-called-to-dc-office-chamba-news-c-95-1-kng1002-19561-2023-12-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: टैक्सी ऑपरेटरों को डीसी दफ्तर बुलाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: टैक्सी ऑपरेटरों को डीसी दफ्तर बुलाया
विज्ञापन
धर्मशाला। अपनी मांगों को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे टैक्सी ऑपरेटर यूनियन को दो दिन में डीसी ने मांगों को सुनने के लिए बुलाया है। साथ ही आश्वासन दिया है कि शीतकालीन सत्र के दौरान उनको मुख्यमंत्री से मिलवाया जाएगा। यह आश्वासन डीसी ने सीएम से मिलने आए टैक्सी ऑपरेटरों को दिया। कांगड़ा टैक्सी आपरेटर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया कि सोमवार को प्रदेशभर के टैक्सी आपरेटर अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने के लिए दाड़ी में एकत्रित हुए थे। उन्हें जिला प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री से मिलवाने की बात कही गई थी और सर्किट हाउस में मिलने को कहा गया था लेकिन जब टैक्सी ऑपरेटर सर्किट हाउस पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि सीएम को अचानक जाना पड़ गया। डीसी कांगड़ा स्वयं उनसे मिलने सर्किट हाउस पहुंचे थे। संजय शर्मा ने बताया कि डीसी ने दो दिन के भीतर उन्हें बुलाया है। कहा कि टैक्सी गाड़ियों की परमिट अवधि बढ़ाने और व्हीकल लोकेशन
ट्रैकिंग (वीएलटी) सिस्टम के अधिक दाम वसूलने के साथ टैक्सियों के रूप में निजी गाड़ियों को दौड़ाने वालों पर कार्रवाई करना उनकी प्रमुख मांगें हैं। टैक्सियों के परमिट को 15 साल करने की मांग पहले भी कई बार उठाई गई है। इसके अलावा टैक्सियों के रूप में दौड़ रहे निजी वाहनों पर कार्रवाई के लिए एक सूची भी संबंधित विभाग को दी गई, लेकिन अभी तक कोई ऐसे वाहनों पर लगाम नहीं कसी गई है। इसके चलते अपनी मांगों को लेकर वे सीएम से मिलना चाहते थे। उन्होंने कहा कि अब पहले जिला प्रशासन के समक्ष मांगों को उठाया जाएगा, उसके बाद शीतकालीन सत्र में सीएम को मांगें बताई जाएंगी।
विज्ञापन
ट्रैकिंग (वीएलटी) सिस्टम के अधिक दाम वसूलने के साथ टैक्सियों के रूप में निजी गाड़ियों को दौड़ाने वालों पर कार्रवाई करना उनकी प्रमुख मांगें हैं। टैक्सियों के परमिट को 15 साल करने की मांग पहले भी कई बार उठाई गई है। इसके अलावा टैक्सियों के रूप में दौड़ रहे निजी वाहनों पर कार्रवाई के लिए एक सूची भी संबंधित विभाग को दी गई, लेकिन अभी तक कोई ऐसे वाहनों पर लगाम नहीं कसी गई है। इसके चलते अपनी मांगों को लेकर वे सीएम से मिलना चाहते थे। उन्होंने कहा कि अब पहले जिला प्रशासन के समक्ष मांगों को उठाया जाएगा, उसके बाद शीतकालीन सत्र में सीएम को मांगें बताई जाएंगी।
विज्ञापन