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आधा दर्जन गांवों को नाले के पानी की सप्लाई
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सलूणी (चंबा)। विकास खंड सलूणी की ग्राम पंचायत द्ररेकड़ी के चौगा, बोठी, खचियूंड, बजमोटा और अरौण गांवों के लोगों को धुनेल नाले से पीने की आपूर्ति की जा रही है। इतना ही नहीं, द्ररेकड़ी से सराह के लिए निर्माणाधीन सड़क का मलबा भी नाले में गिरने से बीते 21 दिन से गांव में मिट्टी युक्त पानी सप्लाई हो रहा है।
नतीजतन, ग्रामीणों को पेयजल के लिए डेढ़ से दो किमी का सफर तय करना पड़ रहा है। इससे क्षेत्र की छह सौ की आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जलशक्ति विभाग से समस्या के जल्द समाधान की मांग की है।
द्ररेकड़ी पंचायत के आधा दर्जन गांवों के लोगों के लिए इसी प्रकार की व्यवस्था है, जिसका खामियाजा लोगों को कभी भी भुगतना पड़ सकता है। हैरानी की बात है कि अभी तक गांवों में पानी को स्टोर करने और उसे फिल्टर करने के लिए विभाग ने स्टोरेज टैंक और फिल्टर बेड तक का निर्माण नहीं करवाया है। पंचायत प्रधान आशा देवी, चौगा वार्ड सदस्य सरोज कुमारी, द्ररेकड़ी वार्ड सदस्य रेखा देवी सहित ग्रामीणों दर्शन कुमार, पूर्व प्रधान मदन लाल, नरेश कुमार, बालम, धन्नू, काकू, योगराज और नरेश कुमार का कहना है कि इन गांवों में मटमैले पानी की सप्लाई बीते लंबे समय से की जा रही है। मटमैले पानी के चलते लोग इसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।
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कहने को तो विभाग ने हर घर जल स्कीम के तहत नल लगवा दिए हैं लेकिन, लोगों को अब मिट्टी युक्त पानी की सप्लाई दी जा रही है। कहा कि सड़क निर्माण के दौरान गिरने वाली मिट्टी धुनेल नाले में मिल रही है, जिससे लोगों को गंदे पानी की ही सप्लाई हो रही है। ग्रामीणों ने जल्द समस्या के समाधान की मांग की है।
जलशक्ति विभाग के सहायक अभियंता भलेई नरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। कनिष्ठ अभियंता को मौके पर भेज कर समस्या का समाधान करने के निर्देश जारी किए हैं।
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नतीजतन, ग्रामीणों को पेयजल के लिए डेढ़ से दो किमी का सफर तय करना पड़ रहा है। इससे क्षेत्र की छह सौ की आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जलशक्ति विभाग से समस्या के जल्द समाधान की मांग की है।
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द्ररेकड़ी पंचायत के आधा दर्जन गांवों के लोगों के लिए इसी प्रकार की व्यवस्था है, जिसका खामियाजा लोगों को कभी भी भुगतना पड़ सकता है। हैरानी की बात है कि अभी तक गांवों में पानी को स्टोर करने और उसे फिल्टर करने के लिए विभाग ने स्टोरेज टैंक और फिल्टर बेड तक का निर्माण नहीं करवाया है। पंचायत प्रधान आशा देवी, चौगा वार्ड सदस्य सरोज कुमारी, द्ररेकड़ी वार्ड सदस्य रेखा देवी सहित ग्रामीणों दर्शन कुमार, पूर्व प्रधान मदन लाल, नरेश कुमार, बालम, धन्नू, काकू, योगराज और नरेश कुमार का कहना है कि इन गांवों में मटमैले पानी की सप्लाई बीते लंबे समय से की जा रही है। मटमैले पानी के चलते लोग इसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।
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कहने को तो विभाग ने हर घर जल स्कीम के तहत नल लगवा दिए हैं लेकिन, लोगों को अब मिट्टी युक्त पानी की सप्लाई दी जा रही है। कहा कि सड़क निर्माण के दौरान गिरने वाली मिट्टी धुनेल नाले में मिल रही है, जिससे लोगों को गंदे पानी की ही सप्लाई हो रही है। ग्रामीणों ने जल्द समस्या के समाधान की मांग की है।
जलशक्ति विभाग के सहायक अभियंता भलेई नरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। कनिष्ठ अभियंता को मौके पर भेज कर समस्या का समाधान करने के निर्देश जारी किए हैं।