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Chamba News: विद्यार्थी भुगत रहे शिक्षकों की कमी का खामियाजा
Thu, 22 Jun 2023 10:59 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 22 Jun 2023 10:59 PM IST
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चंबा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल पज्जा में प्रवक्ताओं के पद खाली पड़े हैं। अधूरे स्टाफ से बच्चों को पढ़ाई प्रभावित हो रही है। आलम यह है कि स्कूल में लंबे अरसे से प्रवक्ताओं का अभाव है। ऐसे में विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान समय में विद्यालय में लगभग ढाई सौ विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
लंबे समय से प्रवक्ताओं के पद न भरने से कुछेक विद्यार्थियों ने दूसरे स्कूलों में अपना दाखिला करवा लिया है जिन्हें रोजाना 40 रुपये खर्च करके स्कूल में पहुंचना पड़ रहा है। इससे अभिभावकों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि प्रधानाचार्य के साथ इतिहास विषय के प्रवक्ता का भी पद खाली पड़ा है। ऐसे में तैनात प्रवक्ता को बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ प्रधानाचार्य का कामकाज भी निपटाना पड़ रहा है। अभिभावकों रेश्मा देवी, रचना कुमारी, प्रवेश कुमार, विपिन कुमार, राकेश कुमार, बिंदिया देवी और विकास कुमार का मानना है कि सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में स्कूल तो खुलवा दिए हैं लेकिन अधिकांश स्कूलों में अध्यापकों की कमी का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। इसके चलते मजबूरन विद्यार्थियों को दूसरे स्कूलों का रुख करना पड़ता है। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है कि स्कूल में खाली पदों को जल्द भरा जाए। उच्च शिक्षा उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क का कहना है कि इसके बारे में उच्चाधिकारी को अवगत किया गया है।
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लंबे समय से प्रवक्ताओं के पद न भरने से कुछेक विद्यार्थियों ने दूसरे स्कूलों में अपना दाखिला करवा लिया है जिन्हें रोजाना 40 रुपये खर्च करके स्कूल में पहुंचना पड़ रहा है। इससे अभिभावकों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि प्रधानाचार्य के साथ इतिहास विषय के प्रवक्ता का भी पद खाली पड़ा है। ऐसे में तैनात प्रवक्ता को बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ प्रधानाचार्य का कामकाज भी निपटाना पड़ रहा है। अभिभावकों रेश्मा देवी, रचना कुमारी, प्रवेश कुमार, विपिन कुमार, राकेश कुमार, बिंदिया देवी और विकास कुमार का मानना है कि सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में स्कूल तो खुलवा दिए हैं लेकिन अधिकांश स्कूलों में अध्यापकों की कमी का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। इसके चलते मजबूरन विद्यार्थियों को दूसरे स्कूलों का रुख करना पड़ता है। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है कि स्कूल में खाली पदों को जल्द भरा जाए। उच्च शिक्षा उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क का कहना है कि इसके बारे में उच्चाधिकारी को अवगत किया गया है।
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