{"_id":"640f55cfda469cb68c049fc4","slug":"staff-nurses-are-treating-scorched-patients-chamba-news-c-19-1-86902-2023-03-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: स्टाफ नर्सें कर रहीं झुलसे मरीजों का इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: स्टाफ नर्सें कर रहीं झुलसे मरीजों का इलाज
Mon, 13 Mar 2023 10:26 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 13 Mar 2023 10:26 PM IST
विज्ञापन
चंबा। प्रदेश में भले ही पांच साल के बाद सरकारें बदलती रहीं। हर सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए बड़े-बड़े दावे जरूर करती रहीं लेकिन आज तक कोई भी सरकार चंबा मेडिकल कॉलेज में बर्न यूनिट और बर्न स्पेशलिस्ट की सुविधा नहीं दे पाई है। इसकी वजह से झुलसे हुए मरीजों को चंबा मेडिकल कॉलेज में बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है। गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता है। मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज में एक भी बर्न स्पेशलिस्ट नहीं है। हालांकि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की तरफ से बर्न यूनिट तैयार करने के लिए प्रदेश सरकार को कई बार प्रस्ताव भेजे गए लेकिन यूनिट को बनाने के लिए कोई कदम अभी तक किसी भी सरकार ने नहीं उठाए हैं। हालत यह हैं कि कई बार तो स्टॉफ नर्सें ही झुलसे मरीजों का प्राथमिक उपचार करती हैं।
चंबा जिले में कई लोग आग से झुलसने के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें कुछ लोगों की मौत चंबा से रेफर होने के बाद टांडा या बीच रास्ते में ही हो चुकी है। ऐसे में यदि सरकार चंबा मेडिकल कॉलेज में बर्न यूनिट की व्यवस्था करती है तो जिले के लाखों लोगों को इसका लाभ मिल सकता है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर लोगों के घर लकड़ी से बने हुए हैं जहां पर आग की घटनाएं होती रहती हैं। इन घटनाओं में कई बार लोग झुलस भी जाते हैं। इसी तरह दिवाली के दौरान भी कई बार लोग झुलस जाते हैं। ऐसे मरीजों को मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए परेशानी होती है।
बर्न यूनिट में रोगियों के लिए आइसोलेटेड बेड, स्पेशल टॉयलेट, बाथरूम, किचन, कपड़े धुलने के लिए लांड्री आदि की व्यवस्था होती है। मरीजों के वार्ड पूरी तरह से वातानुकूलित होते हैं। अलग से डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की सुविधा भी बर्न मरीजों के लिए यूनिट में मुहैया कराई जाती है।
विज्ञापन
सरकार को अस्पताल में बर्न यूनिट बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। सरोल में बनने वाले मेडिकल कॉलेज के नए भवन में इस यूनिट को बनाने की व्यवस्था करवाई जाएगी। -डॉक्टर पंकज गुप्ता, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज चंबा।
विज्ञापन
चंबा जिले में कई लोग आग से झुलसने के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें कुछ लोगों की मौत चंबा से रेफर होने के बाद टांडा या बीच रास्ते में ही हो चुकी है। ऐसे में यदि सरकार चंबा मेडिकल कॉलेज में बर्न यूनिट की व्यवस्था करती है तो जिले के लाखों लोगों को इसका लाभ मिल सकता है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर लोगों के घर लकड़ी से बने हुए हैं जहां पर आग की घटनाएं होती रहती हैं। इन घटनाओं में कई बार लोग झुलस भी जाते हैं। इसी तरह दिवाली के दौरान भी कई बार लोग झुलस जाते हैं। ऐसे मरीजों को मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए परेशानी होती है।
विज्ञापन
बर्न यूनिट में रोगियों के लिए आइसोलेटेड बेड, स्पेशल टॉयलेट, बाथरूम, किचन, कपड़े धुलने के लिए लांड्री आदि की व्यवस्था होती है। मरीजों के वार्ड पूरी तरह से वातानुकूलित होते हैं। अलग से डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की सुविधा भी बर्न मरीजों के लिए यूनिट में मुहैया कराई जाती है।
विज्ञापन
सरकार को अस्पताल में बर्न यूनिट बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। सरोल में बनने वाले मेडिकल कॉलेज के नए भवन में इस यूनिट को बनाने की व्यवस्था करवाई जाएगी। -डॉक्टर पंकज गुप्ता, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज चंबा।