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Chamba News: फसल को बंदरों और सुअरों से बचाएगी सोलर फेंसिंग
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मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन संरक्षण योजना के तहत कर सकेंगे बाड़बंदी
कृषि विभाग खेतों की बाड़बंदी पर खर्च करेगा एक करोड़ का बजट
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। फसलों को बंदरों और सुअरों के आतंक से सोलर फेंसिंग बचाएगी। इसके लिए कृषि विभाग की सहायता से किसान अपने खेतों में बाड़बंदी करवा सकते हैं। मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन संरक्षण योजना के तहत जिले के किसान खेतों में बाड़बंदी करवा सकते हैं। कृषि विभाग के पास खेतों में बाड़बंदी के लिए बजट भी पहुंच चुका है। इस वर्ष 2024-25 में जिला चंबा के किसानों को खेतों में बाड़बंदी के लिए लगभग एक करोड़ रुपये का अनुदान देने का प्रावधान है। इसमें से लगभग 36.5 लाख रुपये अनुसूचित जाति के किसानों के खेतों में बाड़ लगाने पर खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा अलग-अलग क्षेत्रों में जंगली जानवरों की समस्या है, इसलिए कृषि विभाग की ओर से तीन प्रकार के बाड़ लगाने के लिए अनुदान दिया जाता है। जहां केवल लावारिस पशुओं की समस्या है, वहां किसान कांटेदार तार का बाड़ लगवा सकते हैं। जहां पर छोटे जंगली जानवर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं वहां पर किसान तार के जाले का बाड़ लगवा सकते हैं। यह दोनों प्रकार के बाड़ लगवाने के लिए किसान का लगभग 420 रुपये से लेकर 700 रुपये प्रति मीटर की दर से खर्च आता है। ऐसे बाड़ लगवाने के लिए किसान पोर्टल के माध्यम से अनुमति प्राप्त करने के बाद कृषि अधिकारियों की देखरेख में खुद बाड़ लगाएंगे और बाड़ का कार्य पूर्ण होने पर अनुदान प्राप्त करने के लिए इसके बिल कृषि विभाग में जमा करवा सकते हैं। किसान सौर उर्जा के करंट बाला कंपोजिट बाड़ लगवा सकते हैं। सौर उर्जा के बाड़ में जमीन से चार फुट ऊपर ऊंचाई तक तार का जाला लगाया जाता है और उसके ऊपर दो फुट ऊंचाई तक करंट वाले तीन तार लगाए जाते हैं। इस प्रकार इस बाड़ की कुल ऊंचाई जमीन से ऊपर छह फुट तक होती है। इससे जानवर फसलों को नुकसान नहीं कर सकते हैं।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डाॅ. कुलदीप धीमान ने कहा कि कंपोजिट बाड़ लगवाने के लिए भी किसान पोर्टल के माध्यम से अनुमति प्राप्त कर सकते हैं। किसान को केवल 30 प्रतिशत धनराशि ही कंपनी को देनी होती है। शेष 70 प्रतिशत धनराशि बाड़ का कार्य पूर्ण होने पर जबकि कृषि अधिकारियों की ओर से निरीक्षण के बाद किसान की सहमति से संबंधित कंपनी को जारी की जाती है। कहा कि किसान अपने खेतों में बाड़बंदी के लिए किसी भी लोकमित्र केंद्र में जाकर agridbt.hp.gov.in पोर्टल में अपना प्रार्थना पत्र जमा करवा सकते हैं।
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कृषि विभाग खेतों की बाड़बंदी पर खर्च करेगा एक करोड़ का बजट
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। फसलों को बंदरों और सुअरों के आतंक से सोलर फेंसिंग बचाएगी। इसके लिए कृषि विभाग की सहायता से किसान अपने खेतों में बाड़बंदी करवा सकते हैं। मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन संरक्षण योजना के तहत जिले के किसान खेतों में बाड़बंदी करवा सकते हैं। कृषि विभाग के पास खेतों में बाड़बंदी के लिए बजट भी पहुंच चुका है। इस वर्ष 2024-25 में जिला चंबा के किसानों को खेतों में बाड़बंदी के लिए लगभग एक करोड़ रुपये का अनुदान देने का प्रावधान है। इसमें से लगभग 36.5 लाख रुपये अनुसूचित जाति के किसानों के खेतों में बाड़ लगाने पर खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा अलग-अलग क्षेत्रों में जंगली जानवरों की समस्या है, इसलिए कृषि विभाग की ओर से तीन प्रकार के बाड़ लगाने के लिए अनुदान दिया जाता है। जहां केवल लावारिस पशुओं की समस्या है, वहां किसान कांटेदार तार का बाड़ लगवा सकते हैं। जहां पर छोटे जंगली जानवर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं वहां पर किसान तार के जाले का बाड़ लगवा सकते हैं। यह दोनों प्रकार के बाड़ लगवाने के लिए किसान का लगभग 420 रुपये से लेकर 700 रुपये प्रति मीटर की दर से खर्च आता है। ऐसे बाड़ लगवाने के लिए किसान पोर्टल के माध्यम से अनुमति प्राप्त करने के बाद कृषि अधिकारियों की देखरेख में खुद बाड़ लगाएंगे और बाड़ का कार्य पूर्ण होने पर अनुदान प्राप्त करने के लिए इसके बिल कृषि विभाग में जमा करवा सकते हैं। किसान सौर उर्जा के करंट बाला कंपोजिट बाड़ लगवा सकते हैं। सौर उर्जा के बाड़ में जमीन से चार फुट ऊपर ऊंचाई तक तार का जाला लगाया जाता है और उसके ऊपर दो फुट ऊंचाई तक करंट वाले तीन तार लगाए जाते हैं। इस प्रकार इस बाड़ की कुल ऊंचाई जमीन से ऊपर छह फुट तक होती है। इससे जानवर फसलों को नुकसान नहीं कर सकते हैं।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डाॅ. कुलदीप धीमान ने कहा कि कंपोजिट बाड़ लगवाने के लिए भी किसान पोर्टल के माध्यम से अनुमति प्राप्त कर सकते हैं। किसान को केवल 30 प्रतिशत धनराशि ही कंपनी को देनी होती है। शेष 70 प्रतिशत धनराशि बाड़ का कार्य पूर्ण होने पर जबकि कृषि अधिकारियों की ओर से निरीक्षण के बाद किसान की सहमति से संबंधित कंपनी को जारी की जाती है। कहा कि किसान अपने खेतों में बाड़बंदी के लिए किसी भी लोकमित्र केंद्र में जाकर agridbt.hp.gov.in पोर्टल में अपना प्रार्थना पत्र जमा करवा सकते हैं।
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