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पांगी के जंगलों में ट्रैप कैमरों से ढूंढा जाएगा बर्फानी तेंदुआ
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चंबा। पांगी में पिछली सर्दियों में नजर नहीं आए बर्फानी तेंदुए को इस साल होने वाली सर्दियों में तलाश किया जाएगा। इसके लिए वन्य प्राणी विभाग जनजातीय क्षेत्र पांगी के जंगलों में 50 ट्रैप कैमरे लगाएगा। तीन साल पहले पांगी के जंगलों में बर्फानी तेंदुआ होने के प्रमाण मिले थे। इसके बाद से यहां वन्य प्राणी विभाग इस प्रजाति के संरक्षण को लेकर कार्य कर रहा है।
एक साल पहले पांगी के जंगलों में इस प्रजाति के जानवरों के फलने-फूलने के प्रमाण मिले थे। इसका पता तब चला जब ट्रैप कैमरों में बर्फानी तेंदुए की पांच तस्वीरें कैद हुईं। इसमें मादा तेंदुआ अपने नवजात बच्चों के साथ विचरण करती हुई देखी गईं लेकिन पिछली सर्दियों में वन्य प्राणी विभाग ने नए जंगलों में ट्रैप कैमरे लगाकर इनकी जनसंख्या का आकलन करने का प्रयास किया। जब सर्दियां खत्म होने के बाद इन कैमरों को निकाला गया तो एक भी बर्फानी तेंदुआ कैमरों की तस्वीर में कैद नहीं हुआ। इसके चलते विभाग को निराशा हाथ लगी।
इसके चलते अब विभाग ने उसी जंगल में ट्रैप कैमरे लगाने की योजना बनाई है। यहां एक वर्ष पहले बर्फानी तेंदुए के प्रमाण मिले थे। इसके लिए विभाग ने अपने वन रक्षकों को उचित स्थानों का चयन करने के आदेश दे दिए हैं जहां पर बर्फानी तेंदुआ दिखाई दे सकता है। अक्तूबर और नवंबर में इन जगहों में ट्रैप कैमरे लगा दिए जाएंगे।
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पांगी के जंगलों में बर्फानी तेंदुए के अस्तित्व का पता लगाने के लिए सर्दियों में ट्रैप कैमरे लगाए जाएंगे। पिछली सर्दियों में विभाग ने नए स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए थे। इसमें उन्हें बर्फानी तेंदुए की तस्वीरें नहीं मिलीं। इस बार पुराने स्थानों पर कैमरे लगाए जाएंगे।
राजीव कुमार, वन मंडलाधिकारी वन्य प्राणी विभाग चंबा।
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एक साल पहले पांगी के जंगलों में इस प्रजाति के जानवरों के फलने-फूलने के प्रमाण मिले थे। इसका पता तब चला जब ट्रैप कैमरों में बर्फानी तेंदुए की पांच तस्वीरें कैद हुईं। इसमें मादा तेंदुआ अपने नवजात बच्चों के साथ विचरण करती हुई देखी गईं लेकिन पिछली सर्दियों में वन्य प्राणी विभाग ने नए जंगलों में ट्रैप कैमरे लगाकर इनकी जनसंख्या का आकलन करने का प्रयास किया। जब सर्दियां खत्म होने के बाद इन कैमरों को निकाला गया तो एक भी बर्फानी तेंदुआ कैमरों की तस्वीर में कैद नहीं हुआ। इसके चलते विभाग को निराशा हाथ लगी।
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इसके चलते अब विभाग ने उसी जंगल में ट्रैप कैमरे लगाने की योजना बनाई है। यहां एक वर्ष पहले बर्फानी तेंदुए के प्रमाण मिले थे। इसके लिए विभाग ने अपने वन रक्षकों को उचित स्थानों का चयन करने के आदेश दे दिए हैं जहां पर बर्फानी तेंदुआ दिखाई दे सकता है। अक्तूबर और नवंबर में इन जगहों में ट्रैप कैमरे लगा दिए जाएंगे।
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पांगी के जंगलों में बर्फानी तेंदुए के अस्तित्व का पता लगाने के लिए सर्दियों में ट्रैप कैमरे लगाए जाएंगे। पिछली सर्दियों में विभाग ने नए स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए थे। इसमें उन्हें बर्फानी तेंदुए की तस्वीरें नहीं मिलीं। इस बार पुराने स्थानों पर कैमरे लगाए जाएंगे।
राजीव कुमार, वन मंडलाधिकारी वन्य प्राणी विभाग चंबा।