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Chamba News: दुकानें लगाने के मांगे जा रहे छह गुना दाम, निराश लौट रहे व्यापारी
Tue, 20 Jun 2023 11:12 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 20 Jun 2023 11:12 PM IST
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बनीखेत (चंबा)। जिलास्तरीय आषाढ़ नागदेव मेले को लेकर दुकानों के आवंटन में ठेकेदारों की ओर से की जा रही मनमानी बाहरी राज्यों के व्यापारियों पर भारी पड़ती दिख रही है। आलम यह है कि मेले में बनाई गई अस्थायी दुकानों का भारी भरकम किराया सुनकर व्यापारी वर्ग यहां से बिना मेला लगाए ही लौटने को मजबूर दिख रहे हैं। हालात यह हैं कि छोटी मिंजर के नाम से पहचान बनाने वाले प्रख्यात और प्रसिद्ध आषाढ़ नागदेव मेले में मैदान में कई दुकानें खाली पड़ी हैं जबकि कल से मेला शुरू होने वाला है।
आषाढ़ नागदेव मेला 65 सालों से अधिक समय से बनीखेत के चौगान मैदान में मनाया जा रहा है। वहीं पिछले करीब 10 सालों से बनीखेत के स्थानीय लोगो के प्रयासों से इस मेले को जिला स्तर की पहचान मिली। इस वर्ष चौगान मैदान की बोली 27 लाख 15 हजार की लगाई गई। सूत्रों की मानें तो इस साल झूला लगाए जाने वाली जगह की बोली करीब 11 लाख लगी है जबकि डूम के लिए करीब 15 लाख की बोली लगी है। इसके अलावा ठेकेदार द्वारा खुले में लगनी वाली दुकानों का किराया छह गुना तक बढ़ा दिया गया है। बीते वर्ष 10 फीट की दुकानों का किराया तीन से दस हजार तक रहा लेकिन, इस साल दुकानदारों से 18 हजार से लेकर 60 हजार तक किराया लिया जा रहा है। आषाढ़ मेले में हिमाचल के विभिन्न जिलों समेत बाहरी राज्यों पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राज्यस्थान से व्यापारी पहुंचते हैं। कांगड़ा के दुकानदार हंस राज को दुकान का किराया नहीं बन पाने की वजह से निराश लौटना पड़ा। हंस राज ने बताया कि बीते वर्ष तीन दुकानों का 24 हजार किराया अदा किया। अब ठेकेदार तीन दुकानों का एक लाख 60 हजार किराया मांग रहा है। जिस कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
एसडीएम अनिल भारद्वाज ने बताया कि मेले में दुकानें आबंटन को लेकर ठेकेदार अधिक किराया नहीं वसूल सकता है। इस विषय पर ठेकेदार से बात कर दुकानदारों से जायज किराया लेने बारे निर्देश दिए जाएंगे।
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आषाढ़ नागदेव मेला 65 सालों से अधिक समय से बनीखेत के चौगान मैदान में मनाया जा रहा है। वहीं पिछले करीब 10 सालों से बनीखेत के स्थानीय लोगो के प्रयासों से इस मेले को जिला स्तर की पहचान मिली। इस वर्ष चौगान मैदान की बोली 27 लाख 15 हजार की लगाई गई। सूत्रों की मानें तो इस साल झूला लगाए जाने वाली जगह की बोली करीब 11 लाख लगी है जबकि डूम के लिए करीब 15 लाख की बोली लगी है। इसके अलावा ठेकेदार द्वारा खुले में लगनी वाली दुकानों का किराया छह गुना तक बढ़ा दिया गया है। बीते वर्ष 10 फीट की दुकानों का किराया तीन से दस हजार तक रहा लेकिन, इस साल दुकानदारों से 18 हजार से लेकर 60 हजार तक किराया लिया जा रहा है। आषाढ़ मेले में हिमाचल के विभिन्न जिलों समेत बाहरी राज्यों पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राज्यस्थान से व्यापारी पहुंचते हैं। कांगड़ा के दुकानदार हंस राज को दुकान का किराया नहीं बन पाने की वजह से निराश लौटना पड़ा। हंस राज ने बताया कि बीते वर्ष तीन दुकानों का 24 हजार किराया अदा किया। अब ठेकेदार तीन दुकानों का एक लाख 60 हजार किराया मांग रहा है। जिस कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
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एसडीएम अनिल भारद्वाज ने बताया कि मेले में दुकानें आबंटन को लेकर ठेकेदार अधिक किराया नहीं वसूल सकता है। इस विषय पर ठेकेदार से बात कर दुकानदारों से जायज किराया लेने बारे निर्देश दिए जाएंगे।
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