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Chamba News: सावन के महीने में भोले के जयकारों से गूंजे शिवालय
Fri, 26 Jul 2024 10:09 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 26 Jul 2024 10:09 PM IST
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चंबा के लक्ष्मीनारायण मंदिर में सावन माह के उपलक्ष्य पर रुद्र पूजा करते पुजारी।संवाद
चंबा। सावन के महीने में जिले के शिवालय भोलेनाथ के जयकाराें से गूंज उठे। आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से सावन माह के उपलक्ष्य पर जिला मुख्यालय चंबा सहित जिलाभर में रुद्रा पूजा की गई।
जिला मुख्यालय स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर में लोगों ने संस्था के साथ मिलकर रुद्र पूजा की। वहीं, इसके अलावा चंबा शहर के सुराड़ा में छवि, सरोल में डाॅ. पूजा व डलहौजी में डाॅ. नवदीप की अगुवाई में रुद्र पूजा की गई।
लक्ष्मीनारायण मंदिर में स्वामी आनंद भारती की अगुवाई में वैदिक गुरुकुल के विद्यार्थियों की ओर से रुद्र पूजा की गई। स्वामी आनंद भारती ने बताया कि अनादिकाल से भारत में रुद्र पूजा की जाती है। रुद्र भगवान शिव के पराक्रमी रूप को दर्शाता है। पूजा का अर्थ है, जो पूर्णता से किया जाए। रुद्र पूजा करना या उसमें सशरीर उपस्थित होना हमारे भीतर आंतरिक शांति और पूर्णता लाने के लिए किया जाता है। वैदिक ग्रंथों की ओर से रुद्र पूजा को सबसे बड़ी पूजा बताया गया है। ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार कई दोषों के निवारण के लिए रुद्र पूजा को एक उपाय बताया गया है। उन्होंने बताया कि यह संसार ऊर्जा का एक खेल है। आर्ट ऑफ लिविंग के मीडिया प्रबंधक मनुज शर्मा ने बताया कि रुद्र पूजा 22 जुलाई से शुरू हुई है। यह 29 जुलाई तक चलेगी। उन्होंने बताया कि रुद्र पूजा करने में लोगों की गहन आस्था है। मनुज शर्मा ने बताया कि यदि जिला में लोग रुद्र पूजा करवाना चाहते हैं तो आर्ट आफ लिविंग के रुद्र पूजा की कोआर्डिनेटर डा. पूजा के मोबाइल नंबर 98152-73784 पर संपर्क कर सकते हैं।
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जिला मुख्यालय स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर में लोगों ने संस्था के साथ मिलकर रुद्र पूजा की। वहीं, इसके अलावा चंबा शहर के सुराड़ा में छवि, सरोल में डाॅ. पूजा व डलहौजी में डाॅ. नवदीप की अगुवाई में रुद्र पूजा की गई।
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लक्ष्मीनारायण मंदिर में स्वामी आनंद भारती की अगुवाई में वैदिक गुरुकुल के विद्यार्थियों की ओर से रुद्र पूजा की गई। स्वामी आनंद भारती ने बताया कि अनादिकाल से भारत में रुद्र पूजा की जाती है। रुद्र भगवान शिव के पराक्रमी रूप को दर्शाता है। पूजा का अर्थ है, जो पूर्णता से किया जाए। रुद्र पूजा करना या उसमें सशरीर उपस्थित होना हमारे भीतर आंतरिक शांति और पूर्णता लाने के लिए किया जाता है। वैदिक ग्रंथों की ओर से रुद्र पूजा को सबसे बड़ी पूजा बताया गया है। ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार कई दोषों के निवारण के लिए रुद्र पूजा को एक उपाय बताया गया है। उन्होंने बताया कि यह संसार ऊर्जा का एक खेल है। आर्ट ऑफ लिविंग के मीडिया प्रबंधक मनुज शर्मा ने बताया कि रुद्र पूजा 22 जुलाई से शुरू हुई है। यह 29 जुलाई तक चलेगी। उन्होंने बताया कि रुद्र पूजा करने में लोगों की गहन आस्था है। मनुज शर्मा ने बताया कि यदि जिला में लोग रुद्र पूजा करवाना चाहते हैं तो आर्ट आफ लिविंग के रुद्र पूजा की कोआर्डिनेटर डा. पूजा के मोबाइल नंबर 98152-73784 पर संपर्क कर सकते हैं।
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