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कोरोना महामारी में छात्रों की परीक्षाएं करवाना गल्त निर्णय
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चंबा। कोरोना महामारी के दौर में कॉलेज में परीक्षाएं करवाने के विरोध पर एसएफआई कार्यकर्ताओं बुधवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। एसएफआई ने प्रदेश सरकार और शिक्षा मंत्री से मांग की कि कोरोना महामारी में छात्रों की परीक्षाएं रद्द की जाएं। इसको लेकर एसएफआई ने उपायुक्त के माध्यम से शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भी भेजा।
एसएफआई ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने परीक्षा करवाने के फैसले को वापस न लिया गया तो एसएफआई आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं करेगी। एसएफआई के जिला सचिव कुलदीप ने बताया कि प्रदेश में रोजाना 100 केस कोरोना पॉजिटिव के आ रहे हैं। ऐसे हालातों में सरकार फिर से लॉकडाउन करने की योजना बना रही है।
वहीं शिक्षा विभाग छात्रों की परीक्षा करवाने की बात कर रहा है। यह आने वाले समय में छात्रों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। परीक्षा केंद्रों में सामाजिक दूरी की पालना नहीं हो रही है। सरकार छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। इसे एसएफआई कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
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उन्होंने कहा कि यूजीसी ने निर्देश जारी किए हैं कि सभी विश्वविद्यालयों में सितंबर माह तक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं करवा ली जाएं। उन्होंने यूजीसी को गाइडलाइन बदलने की मांग की है। उन्होंने मांग की कि छात्रों को उनके पिछले परिणाम के आधार पर प्रमोट किया जाए।
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एसएफआई ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने परीक्षा करवाने के फैसले को वापस न लिया गया तो एसएफआई आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं करेगी। एसएफआई के जिला सचिव कुलदीप ने बताया कि प्रदेश में रोजाना 100 केस कोरोना पॉजिटिव के आ रहे हैं। ऐसे हालातों में सरकार फिर से लॉकडाउन करने की योजना बना रही है।
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वहीं शिक्षा विभाग छात्रों की परीक्षा करवाने की बात कर रहा है। यह आने वाले समय में छात्रों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। परीक्षा केंद्रों में सामाजिक दूरी की पालना नहीं हो रही है। सरकार छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। इसे एसएफआई कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
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उन्होंने कहा कि यूजीसी ने निर्देश जारी किए हैं कि सभी विश्वविद्यालयों में सितंबर माह तक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं करवा ली जाएं। उन्होंने यूजीसी को गाइडलाइन बदलने की मांग की है। उन्होंने मांग की कि छात्रों को उनके पिछले परिणाम के आधार पर प्रमोट किया जाए।