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चंबा कॉलेज में एसएफआई ने किया प्रदर्शन
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महाविद्यालय में अपनी मांगों को लेकर प्रर्दशन करते एसएफआई चंबा के कार्यकर्ता।
- फोटो : Chamba
चंबा। चंबा कॉलेज में प्राध्यापकों के रिक्त पद जल्द भरने की मांग को लेकर एसएफआई मुखर हो गई है। शनिवार को कॉलेज परिसर में एसएफआई इकाई अध्यक्ष नेहा की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की।
धरने का संचालन करते हुए इकाई अध्यक्ष नेहा ने कहा कि चंबा कॉलेज जिले का सबसे बड़ा महाविद्यालय है, जहां करीब चार हजार विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन, जिले का सबसे बड़ा महाविद्यालय होने के बावजूद यहां अधिकांश प्राध्यापकों के पद खाली पड़े हुए हैं। कहा कि कोरोना महामारी ने पहले ही विद्यार्थियों की पढ़ाई को काफी प्रभावित किया है।
ऐसे में अब जब काफी समय बाद महाविद्यालय खुल रहे हैं तो प्राध्यापकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कॉलेज में लोक प्रशासन विषय का वर्तमान में एक भी प्राध्यापक नहीं है। इसके अलावा अन्य विषयों के भी कई पद खाली हैं। एक प्राध्यापक पांच कक्षाएं पढ़ाने के लिए मजबूर है। उन्होंने बताया चंबा महाविद्यालय जिले का एकमात्र सरकारी पीजी कॉलेज है, जिसमें हिंदी, अंग्रेजी, राजनीतिक शास्त्र, इतिहास और अर्थशास्त्र विषय की पीजी कक्षाएं लगती हैं। पीजी विषयों की कक्षाएं पुराने जबकि यूजी की कक्षाएं नए कॉलेज में लगती हैं।
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कहा कि वर्तमान में कॉलेज में राजनीतिक शास्त्र का एक ही प्राध्यापक है, जिन्हें पीजी और यूजी दोनों कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भागदौड़ करनी पड़ रही है। एसएफआई ने धरने प्रदर्शन के माध्यम से सरकार से मांग कि है कि जल्द कॉलेज के सभी रिक्त पदों को भरा जाए। एसएफआई जिला उपाध्यक्ष प्रेम ने कहा कि जिले के सबसे प्रमुख महाविद्यालय में यदि प्राध्यापकों के इतने पद खाली हैं तो छोटे कॉलेजों की स्थिति क्या होगी? उन्होंने कहा कि प्रदर्शन मात्र एक चेतावनी है। अगर जल्द महाविद्यालय के रिक्त पदों को नहीं भरा गया तो आंदोलन जारी रहेगा और आने वाले समय में तमाम विद्यार्थियों को एकजुट कर हड़ताल और चक्काजाम जैसे उग्र रूप की ओर भी यह आंदोलन जाएगा।
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धरने का संचालन करते हुए इकाई अध्यक्ष नेहा ने कहा कि चंबा कॉलेज जिले का सबसे बड़ा महाविद्यालय है, जहां करीब चार हजार विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन, जिले का सबसे बड़ा महाविद्यालय होने के बावजूद यहां अधिकांश प्राध्यापकों के पद खाली पड़े हुए हैं। कहा कि कोरोना महामारी ने पहले ही विद्यार्थियों की पढ़ाई को काफी प्रभावित किया है।
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ऐसे में अब जब काफी समय बाद महाविद्यालय खुल रहे हैं तो प्राध्यापकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कॉलेज में लोक प्रशासन विषय का वर्तमान में एक भी प्राध्यापक नहीं है। इसके अलावा अन्य विषयों के भी कई पद खाली हैं। एक प्राध्यापक पांच कक्षाएं पढ़ाने के लिए मजबूर है। उन्होंने बताया चंबा महाविद्यालय जिले का एकमात्र सरकारी पीजी कॉलेज है, जिसमें हिंदी, अंग्रेजी, राजनीतिक शास्त्र, इतिहास और अर्थशास्त्र विषय की पीजी कक्षाएं लगती हैं। पीजी विषयों की कक्षाएं पुराने जबकि यूजी की कक्षाएं नए कॉलेज में लगती हैं।
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कहा कि वर्तमान में कॉलेज में राजनीतिक शास्त्र का एक ही प्राध्यापक है, जिन्हें पीजी और यूजी दोनों कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भागदौड़ करनी पड़ रही है। एसएफआई ने धरने प्रदर्शन के माध्यम से सरकार से मांग कि है कि जल्द कॉलेज के सभी रिक्त पदों को भरा जाए। एसएफआई जिला उपाध्यक्ष प्रेम ने कहा कि जिले के सबसे प्रमुख महाविद्यालय में यदि प्राध्यापकों के इतने पद खाली हैं तो छोटे कॉलेजों की स्थिति क्या होगी? उन्होंने कहा कि प्रदर्शन मात्र एक चेतावनी है। अगर जल्द महाविद्यालय के रिक्त पदों को नहीं भरा गया तो आंदोलन जारी रहेगा और आने वाले समय में तमाम विद्यार्थियों को एकजुट कर हड़ताल और चक्काजाम जैसे उग्र रूप की ओर भी यह आंदोलन जाएगा।