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Chamba News: पानी के पाइपों के साथ बह रही सीवरेज की गंदगी कहीं बिगाड़ न दे लोगों की सेहत
Thu, 09 May 2024 10:09 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 09 May 2024 10:09 PM IST
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चंबा में निकासी नाली मे से होकर गुजरती पेयजल लाईन।संवाद
चंबा। चंबा शहर के जुलाहकड़ी वार्ड में रोजाना सीवरेज की गंदगी बहने से डायरिया फैलने का खतरा बढ़ गया है। पिछले कई दिन से भरमौर चौक के पास सीवरेज चैंबर से गंदा पानी जुलाहकड़ी वार्ड में बहकर जा रहा है।
जिस नाली के रास्ते यह गंदा पानी बह रहा है, उसी नाली के साथ पेयजल पाइप भी गुजारे गए हैं। ऐसे में पेयजल पाइप किसी कारण से बीच में लीक हो गए तो सीवरेज की गंदगी पीने के पानी में घुल सकती है। ऐसा होने पर इस पानी को पीने वाले लोग डायरिया सहित अन्य बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।
जुलाहकड़ी वार्ड में टैक्सी पार्किंग के साथ बने हैंडपंप के पानी का पिछले वर्ष प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सैंपल लिया था तो उसका पानी पीने लायक नहीं निकला था। इसके चलते हैंडपंप के साथ जल शक्ति विभाग को चेतावनी बोर्ड लगाने के लिए कहा गया था। जुलाहकड़ी के लोग इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि यदि हैंडपंप के पानी का सैंपल फेल हो सकता है तो पेयजल पाइपों में इस गंदगी के घुलने से पीने का पानी भी दूषित हो सकता है।
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चरणजीत, मनोज कुमार, करतार सिंह, योग राज, हरनाम, प्यार सिंह और सुरेंद्र कुमार ने बताया कि ऐसा कोई दिन नहीं होता, जब भरमौर चौक में एसबीआई बैंक जुलाहकड़ी के पास सीवरेज का पानी बहता न मिले। गंदा पानी सड़क किनारे बनी नाली के जरिये जुलाहकड़ी वार्ड में पहुंच रहा है। इससे बीमारियां फैलने का खतरा है। गंदा पानी किसी एक स्थान पर कई दिन तक ठहरा रहा तो उसमें बीमारी फैलाने वाले मक्खी-मच्छर पनप सकते हैं।
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मेडिकल कॉलेज के एमडी डॉक्टर संजय ने बताया कि सीवरेज का गंदा पानी से मिला हुआ पानी पीने से लोग डायरिया का शिकार बन सकते हैं। ऐसी परिस्थिति में लोगों को पानी उबालकर ही पीना चाहिए।
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जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता दीपक भारद्वाज ने बताया कि सीवरेज की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए शहर में पुराने सीवरेज सिस्टम को बदलने की योजना बनाई जा रही है। लोगों को दिए जा रहे पीने के पानी की नियमित जांच की जा रही है।
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जिस नाली के रास्ते यह गंदा पानी बह रहा है, उसी नाली के साथ पेयजल पाइप भी गुजारे गए हैं। ऐसे में पेयजल पाइप किसी कारण से बीच में लीक हो गए तो सीवरेज की गंदगी पीने के पानी में घुल सकती है। ऐसा होने पर इस पानी को पीने वाले लोग डायरिया सहित अन्य बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।
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जुलाहकड़ी वार्ड में टैक्सी पार्किंग के साथ बने हैंडपंप के पानी का पिछले वर्ष प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सैंपल लिया था तो उसका पानी पीने लायक नहीं निकला था। इसके चलते हैंडपंप के साथ जल शक्ति विभाग को चेतावनी बोर्ड लगाने के लिए कहा गया था। जुलाहकड़ी के लोग इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि यदि हैंडपंप के पानी का सैंपल फेल हो सकता है तो पेयजल पाइपों में इस गंदगी के घुलने से पीने का पानी भी दूषित हो सकता है।
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चरणजीत, मनोज कुमार, करतार सिंह, योग राज, हरनाम, प्यार सिंह और सुरेंद्र कुमार ने बताया कि ऐसा कोई दिन नहीं होता, जब भरमौर चौक में एसबीआई बैंक जुलाहकड़ी के पास सीवरेज का पानी बहता न मिले। गंदा पानी सड़क किनारे बनी नाली के जरिये जुलाहकड़ी वार्ड में पहुंच रहा है। इससे बीमारियां फैलने का खतरा है। गंदा पानी किसी एक स्थान पर कई दिन तक ठहरा रहा तो उसमें बीमारी फैलाने वाले मक्खी-मच्छर पनप सकते हैं।
मेडिकल कॉलेज के एमडी डॉक्टर संजय ने बताया कि सीवरेज का गंदा पानी से मिला हुआ पानी पीने से लोग डायरिया का शिकार बन सकते हैं। ऐसी परिस्थिति में लोगों को पानी उबालकर ही पीना चाहिए।
जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता दीपक भारद्वाज ने बताया कि सीवरेज की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए शहर में पुराने सीवरेज सिस्टम को बदलने की योजना बनाई जा रही है। लोगों को दिए जा रहे पीने के पानी की नियमित जांच की जा रही है।