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दूसरे दिन भी काम पर नहीं लौटे सुरक्षा कर्मी
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हड़ताल के चलते मेडिकल कॉलेज परिसर में बैठे सुरक्षा कर्मी।
- फोटो : Chamba
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में निजी सुरक्षा कर्मियों के हड़ताल पर जाने से दूसरे दिन भी ओपीडी के बाहर अव्यवस्था का आलम रहा। वार्डों में तीमारदारों को रोकने के लिए कोई सुरक्षा कर्मी दिखाई नहीं दिया। तीमारदार डॉक्टरों के राउंड के समय में भी वार्ड में घूमते नजर आए। जबकि, निजी सुरक्षा कर्मी होने पर तीमारदारों को इस समयावधि में वार्डों में नहीं जाने दिया जाता था। दूसरे दिन जब निजी सुरक्षा कर्मी अपनी ड्यूटी पर नहीं लौटे तो अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े हो गए। रोगी वाहनों को अंदर पहुंचाने में परेशानी हुई।
वहीं, तीमारदारों को भी अपने मरीज आपातकालीन कक्ष तक पहुंचाने में दिक्कत हुई। गौरतलब है कि समय पर वेतन न मिलने की वजह से निजी सुरक्षा कर्मी दो दिन से हड़ताल पर हैं। इसकी वजह से अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा। इससे उन्हें अपने परिवार का पालन-पोषण करने में परेशानी हो रही है। कर्मचारियों ने जिला प्रशासन और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे हड़ताल खत्म नहीं करेंगे।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉक्टर रमेश भारती ने बताया कि कंपनी के बिल में गड़बड़ी होने की वजह से भुगतान में देरी हुई है। इसमें प्रबंधन की कोई गलती नहीं है। निजी सुरक्षा कर्मियों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए काम पर लौटना चाहिए।
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वहीं, तीमारदारों को भी अपने मरीज आपातकालीन कक्ष तक पहुंचाने में दिक्कत हुई। गौरतलब है कि समय पर वेतन न मिलने की वजह से निजी सुरक्षा कर्मी दो दिन से हड़ताल पर हैं। इसकी वजह से अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा। इससे उन्हें अपने परिवार का पालन-पोषण करने में परेशानी हो रही है। कर्मचारियों ने जिला प्रशासन और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे हड़ताल खत्म नहीं करेंगे।
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मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉक्टर रमेश भारती ने बताया कि कंपनी के बिल में गड़बड़ी होने की वजह से भुगतान में देरी हुई है। इसमें प्रबंधन की कोई गलती नहीं है। निजी सुरक्षा कर्मियों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए काम पर लौटना चाहिए।
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