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Chamba News: 1.51 करोड़ मंजूर होने पर भी नहीं बना साइंस ब्लॉक

Sun, 22 Mar 2026 10:34 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Sun, 22 Mar 2026 10:34 PM IST
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Science block not built despite Rs 1.51 crore sanctioned
चार साल का समय बीतने के बाद भी अधूरा है कीड़ी स्कूल में साइंस ब्लॉक बनाने का सपना
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दूसरे स्कूल के लिए शिफ्ट कर दिया पैसा, निरीक्षण में जगह सुरक्षित न होने का दिया हवाला
अभिभावक बोले, स्कूल के नवनिर्मित खेल मैदान के पास बनाया जा सकता था साइंस ब्लॉक
संवाद न्यूज एजेंसी
साहो (चंबा)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कीड़ी में साइंस ब्लॉक बनने का सपना आज भी अधूरा है। हैरानी की बात है कि साइंस ब्लॉक के लिए करीब 1.51 करोड़ का बजट चार साल पहले स्वीकृत हो चुका है।
अब यह राशि अन्य स्कूल के लिए ट्रांसफर कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार साइंस ब्लॉक के निर्माण के लिए स्वीकृत राशि लोक निर्माण विभाग के पास भी पहुंच चुकी थी। विभाग ने निरीक्षण भी किया लेकिन मामला केवल सर्वे तक ही सीमित रह गया। निरीक्षण टीम ने कथित तौर पर स्कूल परिसर की जमीन को निर्माण के लिए असुरक्षित बताते हुए आपत्ति जताई। इसके बाद निर्माण लंबित होता गया और बजट को दूसरे स्कूल में डायवर्ट कर दिया गया।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल के पास नवनिर्मित खेल मैदान है। यहां साइंस ब्लॉक बनाया जा सकता था। बावजूद इसके विभाग ने वैकल्पिक समाधान तलाशने के बजाय सीधे बजट को दूसरी जगह भेज दिया। स्कूल में विज्ञान संकाय का स्टाफ पूरा होने के बावजूद साइंस लैब और ब्लॉक की सुविधा नहीं है। ऐसे में कीड़ी, अठलुई और गुवाड़ पंचायतों के विद्यार्थी विज्ञान विषय की पढ़ाई के लिए चंबा का रुख करने को मजबूर हैं। स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान चमन सिंह ने कहा कि कमेटी नई बनी है और अभी प्रधान बना हूं। मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी कि स्कूल के लिए इतनी बड़ी राशि स्वीकृत हुई थी। अब इस मुद्दे को बैठक में उठाया जाएगा।
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स्कूल के कार्यकारी प्रधानाचार्य तिलक राय ने बताया कि लैब के लिए पैसा स्वीकृत था। लोक निर्माण विभाग की टीम ने निरीक्षण किया और स्थान को निर्माण के लिए उचित नहीं पाया। इसी कारण लंबे समय तक मामला लंबित रहा और बाद में राशि को अन्य स्कूल में ट्रांसफर कर दिया गया।

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लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जोगिंद्र कुमार ने कहा कि कार्यालय जाकर रिकॉर्ड देखने के बाद ही स्पष्ट किया जा सकेगा कि राशि क्यों ट्रांसफर की गई।
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