{"_id":"63ac777358e9b42cf7322a9e","slug":"schedule-of-flights-to-be-fixed-for-pangi-chamba-news-sml432249924","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: पांगी के लिए तय किया जाए उड़ानों का शेड्यूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: पांगी के लिए तय किया जाए उड़ानों का शेड्यूल
विज्ञापन
चंबा। जनजातीय क्षेत्र पांगी के लोग सर्दियों में कारावास जैसा जीवन जीने के लिए मजबूर हैं। घाटी सर्दियों में भारी बर्फबारी होने के कारण देश दुनिया से कट जाती है। साच पास मार्ग बर्फबारी से सात माह तक बंद रहता है।
ऐसे में घाटी के लोगों को हेलिकाप्टर की उड़ानों पर निर्भर रहना पड़ता है लेकिन, पिछले दो सालों में पांगी के लिए चौपर की उड़ानें न के बराबर हुई हैं। यह बात पांगी कल्याण संघ के अध्यक्ष भगत बड़ोत्रा ने कही। बुधवार को जिला मुख्यालय में संघ की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि 1970 से पांगी की जनता प्रदेश और केंद्र की सरकारों से चैहणी सुरंग बनाने की मांग कर रही हैं लेकिन अभी तक किसी भी सरकार ने इसको लेकर स्वीकृति प्रदान नहीं की है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1952 से लेकर 1966 तक पांगी अलग विधानसभा क्षेत्र हुआ करता था। पांगी घाटी से तीन विधायक भी रहे लेकिन मौजूदा समय में पांगी को भरमौर विस क्षेत्र से जोड़ा गया है जो पांगीवासियों के लिए किसी सजा से कम नहीं है। कोई भी कार्य करवाने के लिए घाटी के लोगों को सैकड़ों किमी का सफर करके भरमौर जाना पड़ता है।
विज्ञापन
उन्होंने नई सरकार से मांग की है कि पांगी को अलग विधानसभा क्षेत्र बनाया जाए। उन्होंने सरकार से यह भी मांगी की है कि सर्दियों में जिला मुख्यालय के लिए आवाजाही करने को हेलिकाप्टर का शेड्यूल तय किया जाए। इसमें अजोग, साच, किलाड़ और धरवास हेलिपैड पर माह में दो-दो उड़ानें करवाई जाएं। बैठक में महासचिव बीआर भारद्वाज सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
ऐसे में घाटी के लोगों को हेलिकाप्टर की उड़ानों पर निर्भर रहना पड़ता है लेकिन, पिछले दो सालों में पांगी के लिए चौपर की उड़ानें न के बराबर हुई हैं। यह बात पांगी कल्याण संघ के अध्यक्ष भगत बड़ोत्रा ने कही। बुधवार को जिला मुख्यालय में संघ की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि 1970 से पांगी की जनता प्रदेश और केंद्र की सरकारों से चैहणी सुरंग बनाने की मांग कर रही हैं लेकिन अभी तक किसी भी सरकार ने इसको लेकर स्वीकृति प्रदान नहीं की है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि वर्ष 1952 से लेकर 1966 तक पांगी अलग विधानसभा क्षेत्र हुआ करता था। पांगी घाटी से तीन विधायक भी रहे लेकिन मौजूदा समय में पांगी को भरमौर विस क्षेत्र से जोड़ा गया है जो पांगीवासियों के लिए किसी सजा से कम नहीं है। कोई भी कार्य करवाने के लिए घाटी के लोगों को सैकड़ों किमी का सफर करके भरमौर जाना पड़ता है।
विज्ञापन
उन्होंने नई सरकार से मांग की है कि पांगी को अलग विधानसभा क्षेत्र बनाया जाए। उन्होंने सरकार से यह भी मांगी की है कि सर्दियों में जिला मुख्यालय के लिए आवाजाही करने को हेलिकाप्टर का शेड्यूल तय किया जाए। इसमें अजोग, साच, किलाड़ और धरवास हेलिपैड पर माह में दो-दो उड़ानें करवाई जाएं। बैठक में महासचिव बीआर भारद्वाज सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।