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Chamba News: लोकनृत्य में सरस्वती कला संगम दल अव्वल
Thu, 16 Mar 2023 10:49 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 16 Mar 2023 10:49 PM IST
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चंबा। भाषा एवं संस्कृति विभाग के तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय लोकनृत्य प्रतियोगिता में सांस्कृतिक दल सरस्वती कला संगम ने पहला स्थान हासिल किया। वहीं विकासशील युवक मंडल कीड़ी ने दूसरा और गद्दी सांस्कृतिक दल रूहणूकोठी ने तीसरा स्थान हासिल किया। इसके साथ रितिका फोक ग्रुप चंबा और इंदरूनाग युवक मंडल सामरा को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रतियोगिता का आयोजन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान चंबा में किया गया। समापन अवसर पर उपायुक्त डीसी राणा बतौर मुख्यातिथि मौजूद रहे।
जिला भाषा अधिकारी तुकेश शर्मा ने उपायुक्त का स्वागत किया और उन्हें शाल-टोपी एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। उपायुक्त डीसी राणा ने कहा है कि जिले के विभिन्न उपमंडलों में पारंपरिक लोकगायन में विविधता जिला चंबा की लोककला एवं संस्कृति को अति समृद्ध बनाती है। उन्होंने कहा कि चंबा जिले का गौरवशाली इतिहास रहा है। जिले की समृद्ध लोककला एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को लेकर पारंपरिक लोकगीतों का लिखित संकलन (डॉक्यूमेंटेशन) तैयार किया जा रहा है। डीसी राणा ने स्थानीय कलाकारों, गीतकारों और साहित्यकारों से पारंपरिक लोकगीतों के संग्रह को जिला भाषा अधिकारी को उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। कहा कि पारंपरिक लोक संस्कृति को संजोए रखे जाना आवश्यक है। इस दौरान विभिन्न उपमंडलों से 17 सांस्कृतिक दलों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में निर्णायक मंडल के रूप में जिला लोक संपर्क अधिकारी सुभाष कटोच, राजकीय महाविद्यालय चंबा के सहायक प्राध्यापक संगीत डॉ. संतोष और संगीत प्रवक्ता गुलशन पाल ने अपनी भूमिका निभाई।
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जिला भाषा अधिकारी तुकेश शर्मा ने उपायुक्त का स्वागत किया और उन्हें शाल-टोपी एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। उपायुक्त डीसी राणा ने कहा है कि जिले के विभिन्न उपमंडलों में पारंपरिक लोकगायन में विविधता जिला चंबा की लोककला एवं संस्कृति को अति समृद्ध बनाती है। उन्होंने कहा कि चंबा जिले का गौरवशाली इतिहास रहा है। जिले की समृद्ध लोककला एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को लेकर पारंपरिक लोकगीतों का लिखित संकलन (डॉक्यूमेंटेशन) तैयार किया जा रहा है। डीसी राणा ने स्थानीय कलाकारों, गीतकारों और साहित्यकारों से पारंपरिक लोकगीतों के संग्रह को जिला भाषा अधिकारी को उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। कहा कि पारंपरिक लोक संस्कृति को संजोए रखे जाना आवश्यक है। इस दौरान विभिन्न उपमंडलों से 17 सांस्कृतिक दलों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में निर्णायक मंडल के रूप में जिला लोक संपर्क अधिकारी सुभाष कटोच, राजकीय महाविद्यालय चंबा के सहायक प्राध्यापक संगीत डॉ. संतोष और संगीत प्रवक्ता गुलशन पाल ने अपनी भूमिका निभाई।
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