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Chamba News: एक साल तक नहीं दिया वेतन, अब नर्सरी से भी कर दी छुट्टी
Mon, 12 Feb 2024 10:33 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 12 Feb 2024 10:33 PM IST
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चंबा। वन मंडल चंबा के तहत वन परिक्षेत्र मसरूंड की मोहरी नर्सरी में काम करने वाले चार दैनिक वेतन भोगियों को काम से छुट्टी दे दी गई है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी ने इन कर्मचारियों को काम पर नहीं आने के लिए लिखित में नोटिस दिया है। इसमें बताया गया है कि सरकार ने उनके लिए बजट नहीं भेजा है। इसके चलते उन्हें काम से बाहर किया जा रहा है। बजट आने पर उन्हें दोबारा बुला लिया जाएगा। जिन दैनिक वेतन भोगियों को निकाला गया है, उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि उन्हें दोबारा बुलाया जाएगा भी या नहीं। वन परिक्षेत्र अधिकारी के सख्त निर्देश हैं कि नर्सरी को फिलहाल बंद कर दिया गया है। यदि कोई भी नर्सरी में बिना अनुमति प्रवेश करता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा नर्सरी में जो भी नुकसान होगा। उसकी जिम्मेदारी भी उनकी होगी।
वन परिक्षेत्र अधिकारी के इस निर्देश के बाद दैनिक वेतन भोगियों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। पिछले सात साल से वे इसी आस में नर्सरी में काम कर रहे थे कि भविष्य में शायद वह पक्के कर्मचारी बन जाएंगे। एक साल तक बिना वेतन काम करने के बाद अब उन्हें काम से भी निकाला जा रहा है। इससे ये दैनिक वेतन भोगी काफी परेशान हैं। वन विभाग दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ के प्रधान चमन सिंह ने बताया कि मसरूंड रेंज की मोहरी नर्सरी में कार्य करने वाले दैनिक वेतन भोगियों को नोटिस देकर काम से निकाला गया है। यह काफी निंदनीय है। इसको लेकर संघ जल्द ही विभागीय अधिकारी से मिलेगा।
उधर, वन मंडल अधिकारी चंबा कृतज्ञ कुमार ने बताया कि नर्सरी में काम करने वाले लोग सही में दैनिक वेतन भोगी हैं। इसकी सही जानकारी वन परिक्षेत्र अधिकारी के पास होगी। फिलहाल, मुख्य वन अरण्यपाल ने दैनिक वेतन भोगियों की पहचान करने के लिए कमेटी का गठन कर दिया है।
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वन परिक्षेत्र अधिकारी ने इन कर्मचारियों को काम पर नहीं आने के लिए लिखित में नोटिस दिया है। इसमें बताया गया है कि सरकार ने उनके लिए बजट नहीं भेजा है। इसके चलते उन्हें काम से बाहर किया जा रहा है। बजट आने पर उन्हें दोबारा बुला लिया जाएगा। जिन दैनिक वेतन भोगियों को निकाला गया है, उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि उन्हें दोबारा बुलाया जाएगा भी या नहीं। वन परिक्षेत्र अधिकारी के सख्त निर्देश हैं कि नर्सरी को फिलहाल बंद कर दिया गया है। यदि कोई भी नर्सरी में बिना अनुमति प्रवेश करता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा नर्सरी में जो भी नुकसान होगा। उसकी जिम्मेदारी भी उनकी होगी।
वन परिक्षेत्र अधिकारी के इस निर्देश के बाद दैनिक वेतन भोगियों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। पिछले सात साल से वे इसी आस में नर्सरी में काम कर रहे थे कि भविष्य में शायद वह पक्के कर्मचारी बन जाएंगे। एक साल तक बिना वेतन काम करने के बाद अब उन्हें काम से भी निकाला जा रहा है। इससे ये दैनिक वेतन भोगी काफी परेशान हैं। वन विभाग दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ के प्रधान चमन सिंह ने बताया कि मसरूंड रेंज की मोहरी नर्सरी में कार्य करने वाले दैनिक वेतन भोगियों को नोटिस देकर काम से निकाला गया है। यह काफी निंदनीय है। इसको लेकर संघ जल्द ही विभागीय अधिकारी से मिलेगा।
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उधर, वन मंडल अधिकारी चंबा कृतज्ञ कुमार ने बताया कि नर्सरी में काम करने वाले लोग सही में दैनिक वेतन भोगी हैं। इसकी सही जानकारी वन परिक्षेत्र अधिकारी के पास होगी। फिलहाल, मुख्य वन अरण्यपाल ने दैनिक वेतन भोगियों की पहचान करने के लिए कमेटी का गठन कर दिया है।
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