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Chamba News: 1032 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं के वेतन लटका
Tue, 16 Jul 2024 09:53 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 16 Jul 2024 09:53 PM IST
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चंबा। बाल विकास परियोजना कार्यालय चंबा और मैहला के तहत 1032 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को इस माह वेतन नहीं मिला है। इसके चलते इन कर्मियों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
ऐसी नौबत बाल विकास परियोजना अधिकारी मैहला की सेवानिवृत्ति के बाद बनी है। गत माह यह अधिकारी सेवानिवृत्त हो गई हैं। अधिकारी के पास बाल विकास परियोजना अधिकारी का भी अतिरिक्त कार्यभार था। अब उनकी सेवानिवृत्ति से दोनों जगह अधिकारियों का पद खाली हो गया है। हैरानी की बात है कि सेवानिवृत्ति को दो सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक किसी अन्य अधिकारी को अतिरिक्त कार्यभार नहीं दिया गया है। ऐसे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वेतन के लाले पड़ गए हैं। बिना वेतन वे परिवार का पालन-पोषण कैसे करेंगे। डिपुओं से राशन की भी खरीद नहीं कर पा रहे हैं। बिना वेतन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की परेशानियां बढ़ गई हैं। गौरतलब है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का आधार पक्का करने में अहम भूमिका निभाती हैं। दूसरी ओर, बच्चों को न्यूट्रीशन तक उपलब्ध करवाती हैं। इसके अलावा विभागीय अन्य कार्यों का जिम्मा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं पर रहता है। वेतन का समय पर भुगतान न होने से उनकी दिक्कतें बढ़ गई हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश पंजोरिया ने कहा कि यह मामला उनके ध्यान में है। कहा कि पद रिक्त होने से ऐसी समस्या पेश आई है। कहा कि इस बारे में निदेशालय को अवगत करवा दिया गया है।
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ऐसी नौबत बाल विकास परियोजना अधिकारी मैहला की सेवानिवृत्ति के बाद बनी है। गत माह यह अधिकारी सेवानिवृत्त हो गई हैं। अधिकारी के पास बाल विकास परियोजना अधिकारी का भी अतिरिक्त कार्यभार था। अब उनकी सेवानिवृत्ति से दोनों जगह अधिकारियों का पद खाली हो गया है। हैरानी की बात है कि सेवानिवृत्ति को दो सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक किसी अन्य अधिकारी को अतिरिक्त कार्यभार नहीं दिया गया है। ऐसे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वेतन के लाले पड़ गए हैं। बिना वेतन वे परिवार का पालन-पोषण कैसे करेंगे। डिपुओं से राशन की भी खरीद नहीं कर पा रहे हैं। बिना वेतन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की परेशानियां बढ़ गई हैं। गौरतलब है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का आधार पक्का करने में अहम भूमिका निभाती हैं। दूसरी ओर, बच्चों को न्यूट्रीशन तक उपलब्ध करवाती हैं। इसके अलावा विभागीय अन्य कार्यों का जिम्मा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं पर रहता है। वेतन का समय पर भुगतान न होने से उनकी दिक्कतें बढ़ गई हैं।
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महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश पंजोरिया ने कहा कि यह मामला उनके ध्यान में है। कहा कि पद रिक्त होने से ऐसी समस्या पेश आई है। कहा कि इस बारे में निदेशालय को अवगत करवा दिया गया है।
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