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Chamba News: पांच साल से नहीं दिया किराया, नप के दुकानदारों के पास फंसे 32 लाख
Mon, 03 Jun 2024 10:43 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 03 Jun 2024 10:43 PM IST
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रिंपी ठाकुर
चंबा। नगर परिषद के पैसों पर शहर के दुकानदार कुंडली मारकर बैठे हैं। नगर परिषद का दुकानों के किराये के रूप में दुकानदारों के पास 32 लाख, 20 हजार 830 रुपये फंसे हैं।
लंबे समय से 48 डिफाल्टर दुकानदार दुकानों का किराया नहीं दे रहे हैं। ऐसे में देनदारी लगातार बढ़ती जा रही है। नगर परिषद के राजस्व को भी चूना लग रहा है। नगर परिषद के लिए दुकानदारों से किराया लेना गले की फांस बन गया है। दुकानदारों ने तीन से पांच साल का किराया नप को नहीं चुकाया है। दुकानों का किराया 700 से लेकर 2700 रुपये तक है। वैसे तो किराये का भुगतान हर महीने किया जाता है, लेकिन कुछ दुकानदार साल में एकसाथ भी किराये का भुगतान कर देते हैं।
हालांकि, नगर परिषद ने डिफाल्टर दुकानदारों को बार-बार किराया जमा करवाने के लिए मौखिक तौर पर अवगत करवाया है। इसके बाद नोटिस भी जारी किए गए गए, बावजूद इसके दुकानदारों ने किराये का भुगतान नहीं किया। दुकानदारों के किराया जमा न करवाने के कारण लंबे समय से सरकारी पैसा जमा नहीं हो पाया है। अब नगर परिषद जल्द दुकानदारों को अंतिम नोटिस जारी करने की तैयारी में है। इसके बाद दुकानदारों की दुकानों के बिजली और पानी के कनेक्शन काटे जा सकते हैं।
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नगर परिषद ने शहर में विभिन्न जगह 450 से अधिक दुकानें किराये पर दी हैं। इनसे हर माह किराया वसूला जाता है, लेकिन कुछ दुकानदारों ने लंबे समय से किराये का भुगतान नहीं किया है। अब नगर परिषद चंबा ने डिफाल्टर दुकानदारों को चेतावनी दी है कि यदि वे समयानुसार दुकानों का किराया नहीं देंगे तो डिफाल्टर दुकानदारों के बिजली-पानी के कनेक्शन काट दिए जाएंगे। नगर परिषद के सपड़ी, सुराड़ा, चौंतड़ा, हरदासपुरा, सुल्तानपुर, धड़ोग, कसाकड़ा, हटनाला, जुलाहकड़ी, जनसाली और चौगान वार्ड के लोगों ने नगर परिषद से दुकानें किराये पर ली हैं। संवाद
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नगर परिषद की अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने कहा कि कई बार दुकानदारों को अवगत करवाया जा चुका है, डिफाल्टर दुकानदार किराये का भुगतान नहीं कर रहे हैं। अब एक बार फिर उन्हें नोटिस जारी कर किराया चुकता करने की हिदायत दी जाएगी। फिर भी किराया जमा न करवाने पर उनकी दुकानों की बिजली-पानी के कनेक्शन काटे जा सकते हैं।
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चंबा। नगर परिषद के पैसों पर शहर के दुकानदार कुंडली मारकर बैठे हैं। नगर परिषद का दुकानों के किराये के रूप में दुकानदारों के पास 32 लाख, 20 हजार 830 रुपये फंसे हैं।
लंबे समय से 48 डिफाल्टर दुकानदार दुकानों का किराया नहीं दे रहे हैं। ऐसे में देनदारी लगातार बढ़ती जा रही है। नगर परिषद के राजस्व को भी चूना लग रहा है। नगर परिषद के लिए दुकानदारों से किराया लेना गले की फांस बन गया है। दुकानदारों ने तीन से पांच साल का किराया नप को नहीं चुकाया है। दुकानों का किराया 700 से लेकर 2700 रुपये तक है। वैसे तो किराये का भुगतान हर महीने किया जाता है, लेकिन कुछ दुकानदार साल में एकसाथ भी किराये का भुगतान कर देते हैं।
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हालांकि, नगर परिषद ने डिफाल्टर दुकानदारों को बार-बार किराया जमा करवाने के लिए मौखिक तौर पर अवगत करवाया है। इसके बाद नोटिस भी जारी किए गए गए, बावजूद इसके दुकानदारों ने किराये का भुगतान नहीं किया। दुकानदारों के किराया जमा न करवाने के कारण लंबे समय से सरकारी पैसा जमा नहीं हो पाया है। अब नगर परिषद जल्द दुकानदारों को अंतिम नोटिस जारी करने की तैयारी में है। इसके बाद दुकानदारों की दुकानों के बिजली और पानी के कनेक्शन काटे जा सकते हैं।
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नगर परिषद ने शहर में विभिन्न जगह 450 से अधिक दुकानें किराये पर दी हैं। इनसे हर माह किराया वसूला जाता है, लेकिन कुछ दुकानदारों ने लंबे समय से किराये का भुगतान नहीं किया है। अब नगर परिषद चंबा ने डिफाल्टर दुकानदारों को चेतावनी दी है कि यदि वे समयानुसार दुकानों का किराया नहीं देंगे तो डिफाल्टर दुकानदारों के बिजली-पानी के कनेक्शन काट दिए जाएंगे। नगर परिषद के सपड़ी, सुराड़ा, चौंतड़ा, हरदासपुरा, सुल्तानपुर, धड़ोग, कसाकड़ा, हटनाला, जुलाहकड़ी, जनसाली और चौगान वार्ड के लोगों ने नगर परिषद से दुकानें किराये पर ली हैं। संवाद
नगर परिषद की अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने कहा कि कई बार दुकानदारों को अवगत करवाया जा चुका है, डिफाल्टर दुकानदार किराये का भुगतान नहीं कर रहे हैं। अब एक बार फिर उन्हें नोटिस जारी कर किराया चुकता करने की हिदायत दी जाएगी। फिर भी किराया जमा न करवाने पर उनकी दुकानों की बिजली-पानी के कनेक्शन काटे जा सकते हैं।