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होमगार्ड कर्मचारी नियमितीकरण को तरसे
ब्यूरो, अमर उजाला (चंबा)
Updated Thu, 07 Apr 2016 06:47 PM IST
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होमगार्ड एसोसिएशन ने सरकार से नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
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होमगार्ड एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव जोगिंद्र सिंह चोहड़िया ने बताया कि स्वतंत्र भारत में होमगार्ड संगठन वर्ष 1947 में पुलिस सहयोग के लिए गठित किया गया। लेकिन वर्ष 1956 में होमगार्ड को स्वयंसेवी स्वरूप का दर्जा दिया गया। स्वतंत्र भारत में पांच से आठ वर्षों में सरकारी व अर्द्धसरकारी वर्गों के लिए स्थायी रोजगार के नियम बनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही होमगार्ड के प्रति सरकार ने अपना रवैया नहीं बदला तो होमगार्ड कर्मचारियों के सब्र का बांध टूट सकता है, जिससे देश में सन् 1857 जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा पंक्ति में पांच लाख छिहतर हजार होमगार्ड कर्मचारी रात-दिन तैनात है।
उन्होंने कहा कि होमगार्ड मात्र एक ऐसा संगठन है, जिसका शोषण स्वतंत्र भारत के पहले जन प्रतिनिधियों द्वारा किया गया था, जो आज तक चल रहा है। उन्होंने कहा कि होमगार्ड सैनिक की भर्ती प्रक्रिया अन्य सैनिक संगठनों की तरह राष्ट्रीय स्तर की है। इसका समर्थन अनुराधा, कमल कुमार, हंस राज, हेम राज, वीर सिंह, नरेंद्र, प्रेम लाल, संजू, दीना नाथ व राजेंद्र सिंह सहित अन्य गृह रक्षकों ने भी किया है।
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