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Chamba News: एक माह माद भी नहीं लौटीं छुट्टी पर गईं रेडियोलॉजिस्ट
Sun, 18 Aug 2024 10:27 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 18 Aug 2024 10:27 PM IST
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा के रेडियोलॉजी विभाग से लंबी छुट्टी पर गईं रेडियोलॉजिस्ट एक महीने बाद भी नहीं लौटी हैं। इससे मेडिकल कॉलेज में एमआरआई और सीटी स्कैन की सेवाएं ठप पड़ गई हैं।
मरीजों को चार से पांच हजार रुपये देकर निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में एमआरआई और सीटी स्कैन करवाने पड़ रहे हैं। हैरानी की बात है कि सरकार रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती को लेकर कुछ नहीं कर पा रही है। स्वास्थ्य विभाग की अस्थायी व्यवस्था करने में असफल रहा है। जिले के अन्य किसी भी सरकारी अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। ऐसे में विभाग चाहकर भी अस्थायी व्यवस्था नहीं कर पा रहा है। रोजाना मेडिकल कॉलेज में पांच से दस मरीजों को सीटी स्कैन और एमआरआई करवाने की सलाह दी जाती है। इन मरीजों को सरकारी के बजाय निजी सेंटरों में चार गुना अधिक पैसे देकर टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं।
मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज के पास एक ही रेडियोलॉजिस्ट है। वह दिन भर मरीजों के अल्ट्रासाउंड करने में व्यस्त रहता है। अस्पताल में दो से तीन अतिरिक्त रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती होना जरूरी है। लोगों में हंसराज, संजय शर्मा, विनोद कुमार, किशोर, धर्मपाल, बावा खन्ना और दीपक जोशी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज जिला का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान हैं। ऐसे में वहां रेडियोलॉजिस्ट के पद खाली नहीं रहने चाहिए। जिले भर के मरीज यहां इलाज करवाने आते हैं।
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-- चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर बिपन ठाकुर ठाकुर ने बताया कि सरकार को रेडियोलॉजिस्ट के रिक्त पदों के बारे में अवगत करवाया है। जल्द सरकार रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती कर सकती है।
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मरीजों को चार से पांच हजार रुपये देकर निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में एमआरआई और सीटी स्कैन करवाने पड़ रहे हैं। हैरानी की बात है कि सरकार रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती को लेकर कुछ नहीं कर पा रही है। स्वास्थ्य विभाग की अस्थायी व्यवस्था करने में असफल रहा है। जिले के अन्य किसी भी सरकारी अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। ऐसे में विभाग चाहकर भी अस्थायी व्यवस्था नहीं कर पा रहा है। रोजाना मेडिकल कॉलेज में पांच से दस मरीजों को सीटी स्कैन और एमआरआई करवाने की सलाह दी जाती है। इन मरीजों को सरकारी के बजाय निजी सेंटरों में चार गुना अधिक पैसे देकर टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं।
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मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज के पास एक ही रेडियोलॉजिस्ट है। वह दिन भर मरीजों के अल्ट्रासाउंड करने में व्यस्त रहता है। अस्पताल में दो से तीन अतिरिक्त रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती होना जरूरी है। लोगों में हंसराज, संजय शर्मा, विनोद कुमार, किशोर, धर्मपाल, बावा खन्ना और दीपक जोशी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज जिला का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान हैं। ऐसे में वहां रेडियोलॉजिस्ट के पद खाली नहीं रहने चाहिए। जिले भर के मरीज यहां इलाज करवाने आते हैं।
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