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Chamba News: जिले के 74 प्राइमरी, 5 मिडल स्कूलों को बंद करने की तैयारी
Sun, 14 Jul 2024 10:12 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 14 Jul 2024 10:12 PM IST
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चंबा। एक तरफ सरकार स्कूल खोल रही है, दूसरी ओर जिले के 79 सरकारी स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी चल रही है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने इस बारे में शिक्षा विभाग से ब्योरा मांगा था।
विभाग ने ब्योरा निदेशालय भेज दिया है। इस सूची में जिले के 79 सरकारी स्कूल हैं। इनमें 74 राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं सहित पांच राजकीय माध्यमिक पाठशालाएं शामिल हैं। इन स्कूलों में बच्चों की संख्या पांच से कम है। बहरहाल, सरकार अब इन स्कूलों को साथ लगते सरकारी स्कूलों में मर्ज कर सकती है। लिहाजा, इन स्कूलों को सरकार बंद करने की तैयारी में है। जानकारी के अनुसार जिले के अधिकतर स्कूलों में स्टाफ की कमी है। ऐसे में अब कम संख्या वाले स्कूलों पर सरकार की नजर है। सरकार ने अब इन स्कूलों को मर्ज करने की योजना तैयार की है। प्रदेश भर के विभिन्न जिलों से यह ब्योरा सरकार ने मांग लिया है। बहरहाल, अब इसमें सरकार क्या निर्णय लेती है ये तो वक्त बताएगा। गौरतलब है कि विभाग की ओर से जिन 79 स्कूलों का ब्योरा तलब किया गया है, उन स्कूलों में बच्चों की संख्या पांच से कम है। किसी स्कूल में चार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे है तो वहीं, किन्ही स्कूलों में दो से तीन विद्यार्थी है। ऐसे में सरकार को इस पर अधिक व्यय करना पड़ रहा है।
उधर, कार्यवाहक प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ज्ञान चंद ने बताया कि जिला में 79 ऐसे स्कूल हैं, जहां बच्चों की संख्या पांच से कम है। कहा कि निदेशालय को इस बारे रिपोर्ट भेज दी गई है। आगामी निर्णय निदेशालय की ओर से लिया जाएगा।
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विभाग ने ब्योरा निदेशालय भेज दिया है। इस सूची में जिले के 79 सरकारी स्कूल हैं। इनमें 74 राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं सहित पांच राजकीय माध्यमिक पाठशालाएं शामिल हैं। इन स्कूलों में बच्चों की संख्या पांच से कम है। बहरहाल, सरकार अब इन स्कूलों को साथ लगते सरकारी स्कूलों में मर्ज कर सकती है। लिहाजा, इन स्कूलों को सरकार बंद करने की तैयारी में है। जानकारी के अनुसार जिले के अधिकतर स्कूलों में स्टाफ की कमी है। ऐसे में अब कम संख्या वाले स्कूलों पर सरकार की नजर है। सरकार ने अब इन स्कूलों को मर्ज करने की योजना तैयार की है। प्रदेश भर के विभिन्न जिलों से यह ब्योरा सरकार ने मांग लिया है। बहरहाल, अब इसमें सरकार क्या निर्णय लेती है ये तो वक्त बताएगा। गौरतलब है कि विभाग की ओर से जिन 79 स्कूलों का ब्योरा तलब किया गया है, उन स्कूलों में बच्चों की संख्या पांच से कम है। किसी स्कूल में चार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे है तो वहीं, किन्ही स्कूलों में दो से तीन विद्यार्थी है। ऐसे में सरकार को इस पर अधिक व्यय करना पड़ रहा है।
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उधर, कार्यवाहक प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ज्ञान चंद ने बताया कि जिला में 79 ऐसे स्कूल हैं, जहां बच्चों की संख्या पांच से कम है। कहा कि निदेशालय को इस बारे रिपोर्ट भेज दी गई है। आगामी निर्णय निदेशालय की ओर से लिया जाएगा।
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