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Chamba News: पांगी की गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने को लगानी पड़ रही 280 किमी कुल्लू की दौड़

Tue, 15 Apr 2025 05:38 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Tue, 15 Apr 2025 05:38 AM IST
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Pregnant women of Pangi have to run 280 km to Kullu to get ultrasound done.
पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी के मरीजों विशेषकर गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 280 किलोमीटर दूर कुल्लू की दौड़ लगानी पड़ रही है। नागरिक अस्पताल पांगी में अल्ट्रासाउंड मशीन कई सालों से धूल फांक रही है। अल्ट्रासाउंड मशीन संचालित न हो पाने की सूरत में सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं समेत पेट दर्द से पीड़ित मरीजों को उठानी पड़ रही है।
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सिविल अस्पताल किलाड़ में गर्भवती महिलाओं समेत पेट दर्द से पीड़ित मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाने की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसके चलते गर्भवती महिलाओं सहित अन्य मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 280 किलोमीटर दूर कुल्लू या 130 किलोमीटर दूर किश्तवाड़ जाना पड़ रहा है। चंबा जाने के लिए मरीजों को वाया साच पास 170 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है लेकिन यह मार्ग बंद होने पर मरीजों को वाया जम्मू होकर चंबा पहुंचने के लिए 622 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। इसकी एवज में उनके दो दिन आने-जाने में लग जाते हैं। साथ ही सरकारी अस्पताल में निशुल्क मिलने वाली सहूलियत की एवज में तीन से पांच हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। जनजातीय क्षेत्र पांगी की 19 पंचायतों मिंधल, रैई, पुर्थी, धरवास, लुज, सुराल, किलाड़, किलाड़-प्रथम, करयास, करयूनी, फिंडरू, हुड़ान, साहली, सेचू, शुण इत्यादि के मरीज अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए नागरिक अस्पताल किलाड़ पर निर्भर हैं। अल्ट्रासाउंड की सुविधा न मिल पाना उनकी सबसे बड़ी परेशानी है। स्थानीय लोगों ने सीएम सुक्खू से अल्ट्रासाउंड सुविधा सुचारु करने की मांग की है।
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पांगी जिले का सबसे दुर्गम क्षेत्र है। सरकार यहां के लोगों के लिए अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं करवा पा रही है। मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए भटकने को मजबूर हैं।
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-विनोद कुमार, किलाड़ निवासी

गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर अपना अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ता है। पांगी में उन्हें यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवती महिलाएं कुल्लू जाने के लिए मजबूर हैं।
-रोहित शर्मा, किलाड़ निवासी

गर्भावस्था में जहां डॉक्टर महिलाओं को गाड़ी में सफर करने से मना करते हैं। ऐसी हालत में गर्भवती महिलाओं को 280 किलोमीटर दूर सिर्फ अपना अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए जाना पड़ रहा है।
-रंजीत सिंह किलाड़ निवासी

सरकार ने जब लाखों की अल्ट्रासाउंड मशीन खरीदी थी, तब इसे संचालित करने के लिए रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं की। यही कारण है कि मशीन होने के बावजूद मरीजों के अल्ट्रासाउंड नहीं किए जा रहे हैं।

-मोती सिंह किलाड़ निवासी।


सरकार से अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन की डिमांड की गई है। काफी पुरानी मशीन होने के चलते उसे संचालित नहीं किया गया है। हांलाकि, कुछ माह पूर्व वह स्वयं अल्ट्रासाउंड मशीन संचालित करने का प्रशिक्षण अर्जित कर लौटे हैं।
डॉ. विशाल शर्मा, कार्यकारी खंड चिकित्सा अधिकारी किलाड़
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