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चंबा मेडिकल कॉलेज से रेफर की जा रही गर्भवति महिलाएं
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में गर्भवती महिलाओं को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में तैनात महिला विशेषज्ञ लंबी छुट्टी पर चले गए हैं।
उनके स्थान पर अभी तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाई है। प्रदेश सरकार को चंबा मेडिकल कॉलेज में महिला विशेषज्ञ भेजने के लिए प्रबंधन दर्जनों बार चिट्ठी भेज चुका है। लेकिन, आज उन चिट्ठियों पर कोई गौर नहीं फरमाया गया।
इसके चलते आज चंबा मेडिकल कॉलेज में यह हालात बन चुके हैं कि कोई भी गर्भवती महिला प्रसव के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचती है, तो उसे दाई और स्टाफ नर्सें प्रसव करवाने का प्रयास करती हैं। जब प्रसव करवाना इनके बस में नहीं होता तो गर्भवती को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। यह सिलसिला चंबा में कई दिनों से चल रहा है।
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बुधवार शाम को किहार से एक गर्भवती को प्रसव के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज लाया गया। रात आठ बजे तक गर्भवती अस्पताल में कराहती रही। लेकिन, महिला विशेषज्ञ न होने से अस्पताल में उसका प्रसव नहीं हो पाया। इसके चलते गर्भवती को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
परिजन गर्भवती को टांडा ले जाने की बजाए चंबा में संचालित एक निजी अस्पताल में ले गए। यहां पर रात को महिला का सामान्य प्रसव करवाया गया। चंबा मेडिकल कॉलेज के प्रति केंद्र और प्रदेश सरकार की अनदेखी को लेकर जिले के लोगों में भारी रोष पनप रहा है।
लोगों का कहना है कि सरकार को मेडिकल कॉलेज में आवश्यकता अनुसार विशेषज्ञों की तैनाती करनी चाहिए। मगर चंबा मेडिकल कॉलेज में सरकार विशेषज्ञों की तैनाती करने में खासा दिलचस्पी नहीं दिखा रही है।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉक्टर पुरुषोत्तम पुरी ने बताया कि महिला विशेषज्ञ की तैनाती को लकर सरकार को चिट्ठी भेजी गई है। जल्द ही मेडिकल कॉलेज चंबा में महिला विशेषज्ञों की तैनाती होने की उम्मीद है।
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उनके स्थान पर अभी तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाई है। प्रदेश सरकार को चंबा मेडिकल कॉलेज में महिला विशेषज्ञ भेजने के लिए प्रबंधन दर्जनों बार चिट्ठी भेज चुका है। लेकिन, आज उन चिट्ठियों पर कोई गौर नहीं फरमाया गया।
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इसके चलते आज चंबा मेडिकल कॉलेज में यह हालात बन चुके हैं कि कोई भी गर्भवती महिला प्रसव के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचती है, तो उसे दाई और स्टाफ नर्सें प्रसव करवाने का प्रयास करती हैं। जब प्रसव करवाना इनके बस में नहीं होता तो गर्भवती को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। यह सिलसिला चंबा में कई दिनों से चल रहा है।
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बुधवार शाम को किहार से एक गर्भवती को प्रसव के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज लाया गया। रात आठ बजे तक गर्भवती अस्पताल में कराहती रही। लेकिन, महिला विशेषज्ञ न होने से अस्पताल में उसका प्रसव नहीं हो पाया। इसके चलते गर्भवती को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
परिजन गर्भवती को टांडा ले जाने की बजाए चंबा में संचालित एक निजी अस्पताल में ले गए। यहां पर रात को महिला का सामान्य प्रसव करवाया गया। चंबा मेडिकल कॉलेज के प्रति केंद्र और प्रदेश सरकार की अनदेखी को लेकर जिले के लोगों में भारी रोष पनप रहा है।
लोगों का कहना है कि सरकार को मेडिकल कॉलेज में आवश्यकता अनुसार विशेषज्ञों की तैनाती करनी चाहिए। मगर चंबा मेडिकल कॉलेज में सरकार विशेषज्ञों की तैनाती करने में खासा दिलचस्पी नहीं दिखा रही है।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉक्टर पुरुषोत्तम पुरी ने बताया कि महिला विशेषज्ञ की तैनाती को लकर सरकार को चिट्ठी भेजी गई है। जल्द ही मेडिकल कॉलेज चंबा में महिला विशेषज्ञों की तैनाती होने की उम्मीद है।