{"_id":"6ab15f025afde949bb0e9fff","slug":"poverty-changed-addresses-changed-but-the-names-on-the-bpl-list-did-not-chamba-news-c-88-1-cmb1003-197480-2026-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: गरीबी बदली, पते बदले, बीपीएल के नाम नहीं बदले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: गरीबी बदली, पते बदले, बीपीएल के नाम नहीं बदले
Mon, 21 Sep 2026 10:14 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 21 Sep 2026 10:14 PM IST
विज्ञापन
2004 के सर्वे की सूची में 909 परिवार, दो दशक में आर्थिक हैसियत जांचने की नहीं हुई कवायद
समय के साथ आय-संपत्ति बढ़ने के बावजूद नाम बरकरार रहने की चर्चा
नगर परिषद चंबा में इक्का-दुक्का परिवारों ने ही खुद हटवाए नाम
पंकज सलारिया
चंबा। शहर में गरीबी का सरकारी हिसाब शायद कैलेंडर के साथ आगे नहीं बढ़ा। नगर परिषद चंबा के 11 वार्डों में 909 परिवार आज भी बीपीएल सूची में दर्ज हैं और इनकी पात्रता का आधार वर्ष 2004 का सर्वे है।
दो दशक से ज्यादा समय में परिवारों की आय, संपत्ति और जीवनशैली में बदलाव आया, लेकिन सूची में दर्ज परिवारों की मौजूदा आर्थिक स्थिति जानने के लिए व्यापक सत्यापन नहीं हुआ।
सूत्रों के अनुसार कुछ परिवार आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद बीपीएल सूची में बने हुए हैं। वहीं, केवल इक्का-दुक्का परिवारों ने आर्थिक स्थिति सुधरने के बाद स्वयं नाम हटवाया है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि पात्रता की दोबारा जांच के बिना वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक बीपीएल का लाभ किस तरह सुनिश्चित होगा। उधर, नगर परिषद चंबा की वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी राखी कौशल ने कहा कि मामले को लेकर उचित जांच की जाएगी। जांच के आधार पर पात्र परिवारों को सूची में शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन
--
एक नाम, कई सरकारी लाभ
बीपीएल सूची में शामिल परिवारों को सरकारी राशन में रियायत, आवास योजनाओं में प्राथमिकता, उज्ज्वला जैसी योजनाओं का लाभ, छात्रवृत्ति और फीस सहायता, स्वास्थ्य योजनाओं तथा स्वरोजगार और ऋण संबंधी योजनाओं में सुविधाएं मिलती हैं। इसलिए सूची का समय-समय पर सत्यापन अहम है।
--
कार और महंगे मोबाइल वाले नाम भी
जानकारी के अनुसार सूची में ऐसे परिवारों के नाम होने की बात भी सामने आई है, जिनके पास निजी कार और महंगे मोबाइल फोन हैं। हालांकि उनकी वास्तविक पात्रता की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।
--
विज्ञापन
समय के साथ आय-संपत्ति बढ़ने के बावजूद नाम बरकरार रहने की चर्चा
नगर परिषद चंबा में इक्का-दुक्का परिवारों ने ही खुद हटवाए नाम
पंकज सलारिया
चंबा। शहर में गरीबी का सरकारी हिसाब शायद कैलेंडर के साथ आगे नहीं बढ़ा। नगर परिषद चंबा के 11 वार्डों में 909 परिवार आज भी बीपीएल सूची में दर्ज हैं और इनकी पात्रता का आधार वर्ष 2004 का सर्वे है।
दो दशक से ज्यादा समय में परिवारों की आय, संपत्ति और जीवनशैली में बदलाव आया, लेकिन सूची में दर्ज परिवारों की मौजूदा आर्थिक स्थिति जानने के लिए व्यापक सत्यापन नहीं हुआ।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार कुछ परिवार आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद बीपीएल सूची में बने हुए हैं। वहीं, केवल इक्का-दुक्का परिवारों ने आर्थिक स्थिति सुधरने के बाद स्वयं नाम हटवाया है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि पात्रता की दोबारा जांच के बिना वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक बीपीएल का लाभ किस तरह सुनिश्चित होगा। उधर, नगर परिषद चंबा की वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी राखी कौशल ने कहा कि मामले को लेकर उचित जांच की जाएगी। जांच के आधार पर पात्र परिवारों को सूची में शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन
एक नाम, कई सरकारी लाभ
बीपीएल सूची में शामिल परिवारों को सरकारी राशन में रियायत, आवास योजनाओं में प्राथमिकता, उज्ज्वला जैसी योजनाओं का लाभ, छात्रवृत्ति और फीस सहायता, स्वास्थ्य योजनाओं तथा स्वरोजगार और ऋण संबंधी योजनाओं में सुविधाएं मिलती हैं। इसलिए सूची का समय-समय पर सत्यापन अहम है।
कार और महंगे मोबाइल वाले नाम भी
जानकारी के अनुसार सूची में ऐसे परिवारों के नाम होने की बात भी सामने आई है, जिनके पास निजी कार और महंगे मोबाइल फोन हैं। हालांकि उनकी वास्तविक पात्रता की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।