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Chamba News: हरदासपुरा में हाईवे किनारे कूड़ के ढेर, परेशानी
Wed, 03 Apr 2024 10:06 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 03 Apr 2024 10:06 PM IST
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हरदासपुरा में हाईवे किनारे कूड़ के ढेर, परेशानी
चंबा। एक तरफ नगर परिषद चंबा की ओर से डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्रित करने का अभियान छेड़ा है, वहीं हाईवे किनारे कूड़े के ढेर लगे हैं। ऐसे में शहर को साफ-सुथरा रखने के नगर परिषद चंबा के दावे हवा को रहे हैं। हरदासपुरा वार्ड में जगह जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। ऐसे में यहां गंदगी का माहौल है। लोगों का कहना है कि सफाई कर्मी घरों से कूड़ा तो ले जा रहे हैं, मगर सड़क किनारे कूड़ा रखा जा रहा है। लोगाें में रमेश कुमार, सुमित कुमार, अमित कुमार, तनु कुमारी और सुरेंद्र सिंह का कहना है कि नगर परिषद को इस अभियान को सही ढंग से कार्यान्वित करना चाहिए। जब कूड़ा घरों से ले जा रहे हैं तो इसका निष्पादन भी सही ढंग से होना चाहिए। नगर परिषद चंबा की अध्यक्ष नीलम नैयर ने बताया कि इस बारे ठेकेदार को उचित दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे। संवाद
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नई शिक्षा नीति, अधिसूचना के मुताबिक दोेबारा उसी कक्षाओं में बैठने को मजबूर नौनिहाल
इस मामले को लेकर किड्स कैंप पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल चुवाड़ी में बैठक आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
चुवाड़ी। किड्स कैंप पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल चुवाड़ी में एसकेजी के बच्चों के अभिभावकों के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का आयोजन मैनेजिंग डायरेक्टर राकेश ठाकुर और प्रिंसिपल सीमा ठाकुर की अध्यक्षता में किया गया। बैठक के दौरान अभिभावकों का मुख्य मुद्दा बच्चों की उम्र के चलते उनका उसी कक्षा में बने रहना रहा। नई शिक्षा नीति 2020 के नियमों को इस नए सत्र से हिमाचल प्रदेश में लागू किया गया है। इसके अनुसार 6 वर्ष की आयु पूरा कर रहे बच्चों को ही प्रथम कक्षा में दाखिला दिया जाएगा। हालांकि, बाद में इसमें 6 महीने की एक बार की छूट दी गई। पहले 5 वर्ष से अधिक बच्चे प्रथम कक्षा में आते थे और एका एक हुए इस बदलाव से सभी अभिभावक परेशान हैं। इस से बच्चों का एक साल तो खराब हो ही रहा है। साथ में अभिभावकों पर वित्तीय बोझ भी बढ़ा है। अभिभावकों में इस बात को लेकर रोष है। बताया कि उन्हें इस बारे पहले सूचना नही दी गई। ऐसे में बच्चों को दोबारा उसी कक्षा में बैठना पड़ रहा है। इसमें कुछ बच्चे तो ऐसे भी हैं, जो 30 सितंबर वाली शर्त को केवल कुछ दिन से ही पूरा करने से चूक रहे हैं। ऐसे में अभिभावक पक्ष के तरफ से हिमाचल सरकार से मात्र कुछ दिन से प्रथम कक्षा में जाने से छूट रहे बच्चों के लिए हाल ही में जारी अधिसूचना में कुछ फेर बदल कर लाभ देने की मांग उठाई है। संवाद
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चंबा। एक तरफ नगर परिषद चंबा की ओर से डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्रित करने का अभियान छेड़ा है, वहीं हाईवे किनारे कूड़े के ढेर लगे हैं। ऐसे में शहर को साफ-सुथरा रखने के नगर परिषद चंबा के दावे हवा को रहे हैं। हरदासपुरा वार्ड में जगह जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। ऐसे में यहां गंदगी का माहौल है। लोगों का कहना है कि सफाई कर्मी घरों से कूड़ा तो ले जा रहे हैं, मगर सड़क किनारे कूड़ा रखा जा रहा है। लोगाें में रमेश कुमार, सुमित कुमार, अमित कुमार, तनु कुमारी और सुरेंद्र सिंह का कहना है कि नगर परिषद को इस अभियान को सही ढंग से कार्यान्वित करना चाहिए। जब कूड़ा घरों से ले जा रहे हैं तो इसका निष्पादन भी सही ढंग से होना चाहिए। नगर परिषद चंबा की अध्यक्ष नीलम नैयर ने बताया कि इस बारे ठेकेदार को उचित दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे। संवाद
नई शिक्षा नीति, अधिसूचना के मुताबिक दोेबारा उसी कक्षाओं में बैठने को मजबूर नौनिहाल
इस मामले को लेकर किड्स कैंप पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल चुवाड़ी में बैठक आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
चुवाड़ी। किड्स कैंप पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल चुवाड़ी में एसकेजी के बच्चों के अभिभावकों के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का आयोजन मैनेजिंग डायरेक्टर राकेश ठाकुर और प्रिंसिपल सीमा ठाकुर की अध्यक्षता में किया गया। बैठक के दौरान अभिभावकों का मुख्य मुद्दा बच्चों की उम्र के चलते उनका उसी कक्षा में बने रहना रहा। नई शिक्षा नीति 2020 के नियमों को इस नए सत्र से हिमाचल प्रदेश में लागू किया गया है। इसके अनुसार 6 वर्ष की आयु पूरा कर रहे बच्चों को ही प्रथम कक्षा में दाखिला दिया जाएगा। हालांकि, बाद में इसमें 6 महीने की एक बार की छूट दी गई। पहले 5 वर्ष से अधिक बच्चे प्रथम कक्षा में आते थे और एका एक हुए इस बदलाव से सभी अभिभावक परेशान हैं। इस से बच्चों का एक साल तो खराब हो ही रहा है। साथ में अभिभावकों पर वित्तीय बोझ भी बढ़ा है। अभिभावकों में इस बात को लेकर रोष है। बताया कि उन्हें इस बारे पहले सूचना नही दी गई। ऐसे में बच्चों को दोबारा उसी कक्षा में बैठना पड़ रहा है। इसमें कुछ बच्चे तो ऐसे भी हैं, जो 30 सितंबर वाली शर्त को केवल कुछ दिन से ही पूरा करने से चूक रहे हैं। ऐसे में अभिभावक पक्ष के तरफ से हिमाचल सरकार से मात्र कुछ दिन से प्रथम कक्षा में जाने से छूट रहे बच्चों के लिए हाल ही में जारी अधिसूचना में कुछ फेर बदल कर लाभ देने की मांग उठाई है। संवाद
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