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Chamba News: समय पर पेंशन-वित्तीय लाभ न मिलने पर पेंशनरों में रोष, आंदोलन की चेतावनी
Wed, 11 Mar 2026 10:31 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 11 Mar 2026 10:31 PM IST
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चंबा। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) पेंशनर कल्याण संगठन चंबा इकाई की बैठक बुधवार को मुख्य सलाहकार उत्तम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पेंशनरों को समय पर पेंशन और अन्य वित्तीय लाभ न मिलने पर गहरी नाराजगी जताई गई। साथ ही आंदोलन की चेतावनी दी है।
संगठन के प्रधान कुलदीप कुमार ने कहा कि सरकार और निगम प्रबंधन द्वारा पेंशनरों को मिलने वाले वित्तीय लाभ समय पर नहीं दिए जा रहे हैं, जिससे उनमें भारी रोष है। संगठन के अध्यक्ष मनोहर लाल ने कहा कि पेंशन का भुगतान हर महीने की पहली तारीख को करने की मांग को लेकर कई बार सरकार और निगम प्रबंधन से लिखित और मौखिक रूप से बातचीत की जा चुकी है, लेकिन आज तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि पहली तारीख को पेंशन देना तो दूर, कई बार महीने के अंत तक भी पेंशन का भुगतान मुश्किल से हो पाता है। इससे पेंशनरों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है।
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महासचिव ओम प्रकाश ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2016 के नए वेतनमान का एरियर 70 वर्ष से अधिक आयु के सेवानिवृत्त कर्मचारियों सहित अन्य विभागों के पेंशनरों को दिया जा चुका है, लेकिन हिमाचल पथ परिवहन निगम के पेंशनरों को अब तक इसका लाभ नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि निगम के नियमित कर्मचारियों को तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता पहले ही दिया जा चुका है, जबकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है, जो उनके साथ भेदभाव को दर्शाता है।
उपाध्यक्ष शाहनवाज खान ने कहा कि निगम के कई सेवानिवृत्त कर्मचारी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद पिछले लगभग तीन वर्षों से उनके मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं किया गया है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक खराब हो रही है और कई पेंशनर उचित इलाज करवाने में असमर्थ हैं।
उन्होंने कहा कि अन्य विभागों के कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान के तहत लगभग 50 हजार रुपये की किस्तें और अन्य लाभ दिए जा चुके हैं, जबकि निगम के नियमित कर्मचारियों और पेंशनरों को इन सुविधाओं से वंचित रखा गया है।
संगठन ने सरकार से मांग की है कि पेंशनरों की जायज मांगों को जल्द पूरा किया जाए। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो सेवानिवृत्त कर्मचारी आने वाले समय में बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और निगम प्रबंधन की होगी।
बैठक में उत्तम सिंह, मनोहर लाल, ओम प्रकाश, प्रकाश चंद, देशराज, देवराज, कुलदीप कुमार, शाहनवाज खान, कुमान सिंह, सुरेश चंद्र, सुरेश कुमार, चैन, रीता देवी और कांता देवी सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
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संगठन के प्रधान कुलदीप कुमार ने कहा कि सरकार और निगम प्रबंधन द्वारा पेंशनरों को मिलने वाले वित्तीय लाभ समय पर नहीं दिए जा रहे हैं, जिससे उनमें भारी रोष है। संगठन के अध्यक्ष मनोहर लाल ने कहा कि पेंशन का भुगतान हर महीने की पहली तारीख को करने की मांग को लेकर कई बार सरकार और निगम प्रबंधन से लिखित और मौखिक रूप से बातचीत की जा चुकी है, लेकिन आज तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
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उन्होंने कहा कि पहली तारीख को पेंशन देना तो दूर, कई बार महीने के अंत तक भी पेंशन का भुगतान मुश्किल से हो पाता है। इससे पेंशनरों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है।
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महासचिव ओम प्रकाश ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2016 के नए वेतनमान का एरियर 70 वर्ष से अधिक आयु के सेवानिवृत्त कर्मचारियों सहित अन्य विभागों के पेंशनरों को दिया जा चुका है, लेकिन हिमाचल पथ परिवहन निगम के पेंशनरों को अब तक इसका लाभ नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि निगम के नियमित कर्मचारियों को तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता पहले ही दिया जा चुका है, जबकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है, जो उनके साथ भेदभाव को दर्शाता है।
उपाध्यक्ष शाहनवाज खान ने कहा कि निगम के कई सेवानिवृत्त कर्मचारी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद पिछले लगभग तीन वर्षों से उनके मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं किया गया है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक खराब हो रही है और कई पेंशनर उचित इलाज करवाने में असमर्थ हैं।
उन्होंने कहा कि अन्य विभागों के कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान के तहत लगभग 50 हजार रुपये की किस्तें और अन्य लाभ दिए जा चुके हैं, जबकि निगम के नियमित कर्मचारियों और पेंशनरों को इन सुविधाओं से वंचित रखा गया है।
संगठन ने सरकार से मांग की है कि पेंशनरों की जायज मांगों को जल्द पूरा किया जाए। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो सेवानिवृत्त कर्मचारी आने वाले समय में बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और निगम प्रबंधन की होगी।
बैठक में उत्तम सिंह, मनोहर लाल, ओम प्रकाश, प्रकाश चंद, देशराज, देवराज, कुलदीप कुमार, शाहनवाज खान, कुमान सिंह, सुरेश चंद्र, सुरेश कुमार, चैन, रीता देवी और कांता देवी सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।