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टेस्ट करवाने के लिए भटक रहे मरीज, 40 दिन खराब पड़ी है मशीन
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क्रस्ना लैब के बाहर टैस्ट करवाने के लिए लगी लोगों की कतार। संवाद
- फोटो : Chamba
चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा में लीवर, शुगर, एलएफटी, आरएफटी, सीएचजी, ईएसआर और कैल्शियम संबंधी टेस्ट नहीं हो रहे हैं। मरीजों को टेस्ट की सहूलियत न मिलने के कारण उन्हें निजी लैब और रेडक्रॉस सोसायटी में टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। हैरानी की बात है कि करीब 40 दिन बाद भी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन खराब मशीनरी को दुरुस्त करवाने में नाकाम रहा है।
ये टेस्ट अब मरीजों की मजबूरी में निजी लैबों में करवाने पड़ रहे हैं। मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए 300 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। जिला चंबा की पौने छह लाख की आबादी स्वास्थ्य लाभ के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा पर निर्भर है। जिलावासियों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए खोले गए मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्था का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज चंबा में टेस्ट करने की मशीन खराब है तो कॉलेज प्रबंधन को अत्याधुनिक मशीन खरीद लेनी चाहिए। -आरिफ मलिक, मोहल्ला सपड़ी।
मेडिकल कॉलेज चंबा में स्वास्थ्य सेवाओं के बुरे हाल हैं। मरीज घंटों कतार में लगने के बाद जैसे-तैसे चिकित्सक के पास चेकअप करवाने पहुंचता है। अब डॉक्टर की ओर से लिखे गए टेस्ट भी मेडिकल कॉलेज में नहीं हो रहे हैं। -हारुन बट्ट, निवासी किहार।
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मेडिकल कॉलेज में दुर्गम क्षेत्रों से आने वाले लोगों को सरकारी टेस्ट की सहूलियत नहीं मिल रही है। लिहाजा बीमार होने की स्थिति में अब निजी लैबों में लोगों को टेस्ट करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। -राजिंद्र कुमार, निवासी पुखरी।
करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद मेडिकल कॉलेज चंबा में अभी तक स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं लौट पाई हैं। सिविल अस्पताल के समय की व्यवस्था से काम चलाया जा रहा है जिसका खामियाजा मरीज भुगत रहे हैं। संदीप कुमार
एमएस डॉ. देविंद्र कुमार ने बताया कि खराब मशीन को दुरुस्त करवाने के लिए भेजा गया है। जल्द मशीन पहुंच जाएगी जिससे लोगों को जल्द राहत मिल जाएगी।
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ये टेस्ट अब मरीजों की मजबूरी में निजी लैबों में करवाने पड़ रहे हैं। मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए 300 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। जिला चंबा की पौने छह लाख की आबादी स्वास्थ्य लाभ के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा पर निर्भर है। जिलावासियों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए खोले गए मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्था का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
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मेडिकल कॉलेज चंबा में टेस्ट करने की मशीन खराब है तो कॉलेज प्रबंधन को अत्याधुनिक मशीन खरीद लेनी चाहिए। -आरिफ मलिक, मोहल्ला सपड़ी।
मेडिकल कॉलेज चंबा में स्वास्थ्य सेवाओं के बुरे हाल हैं। मरीज घंटों कतार में लगने के बाद जैसे-तैसे चिकित्सक के पास चेकअप करवाने पहुंचता है। अब डॉक्टर की ओर से लिखे गए टेस्ट भी मेडिकल कॉलेज में नहीं हो रहे हैं। -हारुन बट्ट, निवासी किहार।
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मेडिकल कॉलेज में दुर्गम क्षेत्रों से आने वाले लोगों को सरकारी टेस्ट की सहूलियत नहीं मिल रही है। लिहाजा बीमार होने की स्थिति में अब निजी लैबों में लोगों को टेस्ट करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। -राजिंद्र कुमार, निवासी पुखरी।
करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद मेडिकल कॉलेज चंबा में अभी तक स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं लौट पाई हैं। सिविल अस्पताल के समय की व्यवस्था से काम चलाया जा रहा है जिसका खामियाजा मरीज भुगत रहे हैं। संदीप कुमार
एमएस डॉ. देविंद्र कुमार ने बताया कि खराब मशीन को दुरुस्त करवाने के लिए भेजा गया है। जल्द मशीन पहुंच जाएगी जिससे लोगों को जल्द राहत मिल जाएगी।