{"_id":"620a8d6a0c8db567e474d7b9","slug":"patients-kept-pushing-for-treatment-even-on-the-fifth-day-chamba-news-sml3996067184","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांचवें दिन भी इलाज के लिए धक्के खाते रहे मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांचवें दिन भी इलाज के लिए धक्के खाते रहे मरीज
विज्ञापन
Patients kept pushing for treatment even on the fifth day
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंबा। दिन: सोमवार। स्थान: चंबा मेडिकल कॉलेज। समय: सुबह साढ़े नौ बजे। डॉक्टरों की पेन डाउन हड़ताल का पांचवां दिन। सुबह नौ बजे पंजीकरण काउंटर के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई है। यहां लोग सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाकर पर्ची बनवा रहे हैं। साढ़े नौ और दस बजे जब मरीज पर्ची बनवाकर ओपीडी में चिकित्सक से जांच करवाने पहुंचे तो वहां उन्हें कोई चिकित्सक नहीं मिला। चिकित्सक पेन डाउन हड़ताल के चलते गेट पर मीटिंग करते हुए नजर आए।
नेत्र ओपीडी में मरीजों का हुजूम लगा हुआ है। आंखों की बीमारी से ग्रसित मरीज ओपीडी में डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे हैं। मरीजों के बैठने के लिए जो स्थान बना है, वह मरीजों से भर चुका है। उसके अलावा अन्य मरीज ओपीडी के बाहर दीवार का सहारा लेकर खड़े हैं। एक दिन की छुट्टी के बाद मरीजों की संख्या दोगुनी है। इसी तरह मेडिसन ओपीडी के बाहर भी मरीजों की लंबी कतार लगी है। ओपीडी में दो घंटे तक डॉक्टर न आने से मरीज फर्श पर बैठे रहे।
सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग मरीजों को हुई। वहीं, हड्डी रोग विशेषज्ञ की ओपीडी के बाहर मरीज भीड़ लगाकर खड़े हैं। हर कोई डॉक्टर से अपनी सबसे पहले स्वास्थ्य जांच करवाने की होड़ में हैं। यही हालात अन्य रोगों की ओपीडी में दिखे। दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल के बाद जब डॉक्टर ओपीडी पहुंचे तो दरवाजे पर मरीजों की भीड़ को निजी सुरक्षा कर्मियों को संभालना मुश्किल हो गया। डॉक्टर शाम होने तक ओपीडी में मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करने में डटे रहे।
विज्ञापन
इस दौरान आपातकालीन कक्ष की सेवाएं जारी रहीं। उधर, एमएस डॉ. देवेंद्र कुमार ने कहा कि चिकित्सक अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। दो घंटे की हड़ताल के उपरांत चिकित्सक ड्यूटी पर लौट आए।
विज्ञापन
नेत्र ओपीडी में मरीजों का हुजूम लगा हुआ है। आंखों की बीमारी से ग्रसित मरीज ओपीडी में डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे हैं। मरीजों के बैठने के लिए जो स्थान बना है, वह मरीजों से भर चुका है। उसके अलावा अन्य मरीज ओपीडी के बाहर दीवार का सहारा लेकर खड़े हैं। एक दिन की छुट्टी के बाद मरीजों की संख्या दोगुनी है। इसी तरह मेडिसन ओपीडी के बाहर भी मरीजों की लंबी कतार लगी है। ओपीडी में दो घंटे तक डॉक्टर न आने से मरीज फर्श पर बैठे रहे।
विज्ञापन
सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग मरीजों को हुई। वहीं, हड्डी रोग विशेषज्ञ की ओपीडी के बाहर मरीज भीड़ लगाकर खड़े हैं। हर कोई डॉक्टर से अपनी सबसे पहले स्वास्थ्य जांच करवाने की होड़ में हैं। यही हालात अन्य रोगों की ओपीडी में दिखे। दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल के बाद जब डॉक्टर ओपीडी पहुंचे तो दरवाजे पर मरीजों की भीड़ को निजी सुरक्षा कर्मियों को संभालना मुश्किल हो गया। डॉक्टर शाम होने तक ओपीडी में मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करने में डटे रहे।
विज्ञापन
इस दौरान आपातकालीन कक्ष की सेवाएं जारी रहीं। उधर, एमएस डॉ. देवेंद्र कुमार ने कहा कि चिकित्सक अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। दो घंटे की हड़ताल के उपरांत चिकित्सक ड्यूटी पर लौट आए।