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ओमिक्रॉन को लेकर मरीज और तीमारदार बेखौफ
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मेडिकल कॉलेज चंबा में भीड़ के बीच बिना मास्क खड़े लोग।
- फोटो : Chamba
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चंबा। दिन : शुक्रवार। स्थान : चंबा मेडिकल कॉलेज। समय : सुबह साढ़े नौ बजे। अस्पताल परिसर में मरीज और तीमारदार ओमिक्रॉन से बेखौफ घूम रहे हैं। कोविड नियमों को पूरी तरह दरकिनार किया जा रहा है। सुबह साढ़े नौ बजे मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर से चेकअप करवाने के लिए पंजीकरण केंद्र के बाहर मरीजों की भीड़ लगी हुई है।
मरीजों के साथ आए तीमारदार बिना मास्क लाइनों में खड़े हैं। दो गज दूरी नियम की भी पालना नहीं हो रही है। मरीजों से कोविड नियमों की पालना करवाने के लिए कोई विभागीय कर्मचारी भी नहीं है। दस बजे मेडिसन, हड्डी, शिशु और महिला ओपीडी के बाहर मरीजों का खूब जमावड़ा लग जाता है। बिना मास्क मरीज पहले ओपीडी में जाने के चक्कर में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगे हैं। निजी सुरक्षा कर्मी भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास में लगे हुए हैं लेकिन लेकिन, मरीज उन्हें अनदेखा कर कोविड नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
यही हालात सरकारी प्रयोगशाला और एसआरएल लैब के बाहर देखने को मिलते हैं। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे टेस्ट करवाने के लिए लाइनों में दो गज दूरी की अवहेलना करते हुए खड़े हैं। वहीं, निजी प्रयोगशालाओं की स्थिति का जायजा लेने पर वहां भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिलती है। मुंह पर इक्का-दुक्का मरीज ही मास्क लगाकर चेकअप करवाने के लिए पहुंचे हैं। जबकि, अस्पताल और प्रयोगशाला में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।
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चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बारे में विभाग पहले ही लोगों को अवगत करवा चुुका है। लोगों को भी इसमें समझदारी दिखाते हुए स्वयं नियमों की पालना करनी चाहिए। अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों को मास्क पहनने के आदेश दिए गए हैं। इसमें सख्ती लाने के लिए जल्द उचित कदम उठाए जाएंगे।
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मरीजों के साथ आए तीमारदार बिना मास्क लाइनों में खड़े हैं। दो गज दूरी नियम की भी पालना नहीं हो रही है। मरीजों से कोविड नियमों की पालना करवाने के लिए कोई विभागीय कर्मचारी भी नहीं है। दस बजे मेडिसन, हड्डी, शिशु और महिला ओपीडी के बाहर मरीजों का खूब जमावड़ा लग जाता है। बिना मास्क मरीज पहले ओपीडी में जाने के चक्कर में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगे हैं। निजी सुरक्षा कर्मी भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास में लगे हुए हैं लेकिन लेकिन, मरीज उन्हें अनदेखा कर कोविड नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
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यही हालात सरकारी प्रयोगशाला और एसआरएल लैब के बाहर देखने को मिलते हैं। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे टेस्ट करवाने के लिए लाइनों में दो गज दूरी की अवहेलना करते हुए खड़े हैं। वहीं, निजी प्रयोगशालाओं की स्थिति का जायजा लेने पर वहां भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिलती है। मुंह पर इक्का-दुक्का मरीज ही मास्क लगाकर चेकअप करवाने के लिए पहुंचे हैं। जबकि, अस्पताल और प्रयोगशाला में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।
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चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बारे में विभाग पहले ही लोगों को अवगत करवा चुुका है। लोगों को भी इसमें समझदारी दिखाते हुए स्वयं नियमों की पालना करनी चाहिए। अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों को मास्क पहनने के आदेश दिए गए हैं। इसमें सख्ती लाने के लिए जल्द उचित कदम उठाए जाएंगे।