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कम होने की बजाय बढ़ रहा मरीजों का मर्ज
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चंबा। दिन शुक्रवार। समय सुबह नौ बजे। स्थान चंबा मेडिकल कॉलेज। अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल लगातार पांचवें दिन भी जारी है। जबकि, मरीज सुबह ही चेकअप करवाने के लिए अस्पताल पहुंचना शुरू हो गए हैं। मरीज सबसे पहले पर्ची बनवाकर ओपीडी का रुख कर रहे हैं। ओपीडी में पहुंचने पर फिर डॉक्टरों की कुर्सी खाली दिखती है।
जैसे-जैसे समय बढ़ता जाता है, मरीजों की लाइन भी लंबी होती जाती है। करीब दो घंटे तक मरीज ओपीडी के बाहर चिकित्सकों का इंतजार करते रहते हैं। कई मरीज थकहार कर फर्श पर बैठकर डॉक्टर का इंतजार करने लग जाते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बुजुर्गों को होती है।
गौरतलब है कि पांचवें दिन मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। क्योंकि पहले केवल मेडिकल ऑफिसर हड़ताल कर रहे थे, लेकिन अब मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी भी एनपीए में कटौती के विरोध में हड़ताल पर उतर आई है। शुक्रवार को दो घंटे बाद ही डॉक्टर ओपीडी में पहुंचते हैं। उसके बाद ही मरीजों की चेकअप की प्रक्रिया शुरू होती है। हालांकि, इमरजेंसी, कोविड और ओटी की सेवाएं सुचारु रहीं। यह हड़ताल आगामी कितने दिनों तक चलेगी, इसको लेकर किसी के पास जानकारी नहीं है। उधर, डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक पेनडाउन हड़ताल जारी रहेगी।
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मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डॉ. दिलबाग सिंह ने बताया कि पंजाब में सरकार ने एनपीए में कटौती की है। इसके विरोध में पंजाब के डॉक्टर हड़ताल कर रहे हैं। पंजाब के डॉक्टरों के समर्थन में हिमाचल में भी डॉक्टर हड़ताल कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज फैकल्टी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर आदित्य कश्यप ने बताया कि एनपीए में कटौती के विरोध में फैकल्टी भी पेनडाउन हड़ताल का समर्थन कर रही है। मांग पूरी न होने तक यह हड़ताल जारी रहेगी।
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जैसे-जैसे समय बढ़ता जाता है, मरीजों की लाइन भी लंबी होती जाती है। करीब दो घंटे तक मरीज ओपीडी के बाहर चिकित्सकों का इंतजार करते रहते हैं। कई मरीज थकहार कर फर्श पर बैठकर डॉक्टर का इंतजार करने लग जाते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बुजुर्गों को होती है।
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गौरतलब है कि पांचवें दिन मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। क्योंकि पहले केवल मेडिकल ऑफिसर हड़ताल कर रहे थे, लेकिन अब मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी भी एनपीए में कटौती के विरोध में हड़ताल पर उतर आई है। शुक्रवार को दो घंटे बाद ही डॉक्टर ओपीडी में पहुंचते हैं। उसके बाद ही मरीजों की चेकअप की प्रक्रिया शुरू होती है। हालांकि, इमरजेंसी, कोविड और ओटी की सेवाएं सुचारु रहीं। यह हड़ताल आगामी कितने दिनों तक चलेगी, इसको लेकर किसी के पास जानकारी नहीं है। उधर, डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक पेनडाउन हड़ताल जारी रहेगी।
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मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डॉ. दिलबाग सिंह ने बताया कि पंजाब में सरकार ने एनपीए में कटौती की है। इसके विरोध में पंजाब के डॉक्टर हड़ताल कर रहे हैं। पंजाब के डॉक्टरों के समर्थन में हिमाचल में भी डॉक्टर हड़ताल कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज फैकल्टी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर आदित्य कश्यप ने बताया कि एनपीए में कटौती के विरोध में फैकल्टी भी पेनडाउन हड़ताल का समर्थन कर रही है। मांग पूरी न होने तक यह हड़ताल जारी रहेगी।