{"_id":"56f000074f1c1bad7ff14d25","slug":"parking-fee-not-paid-mc-meeting","type":"story","status":"publish","title_hn":"जंजघर और पार्किंग में वसूली के नाम पर नगर परिषद में घमासान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जंजघर और पार्किंग में वसूली के नाम पर नगर परिषद में घमासान
ब्यूरो, अमर उजाला (चंबा)
Updated Mon, 21 Mar 2016 07:54 PM IST
विज्ञापन
नगर परिषद की बैठक में मौजूद पार्षद।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर परिषद में जंजघर और पार्किंग के किराये की वसूली न होने को लेकर गतिरोध तेज हो गया है। सोमवार को इस मुद्दे पर बुलाई गई हाउस की आपात बैठक बेनतीजा रही और नगर परिषद उपाध्यक्ष समेत चार पार्षद बैठक से वाकआउट कर गए। सभी पार्षद इस बैठक को बुलाने का विरोध कर रहे थे।
विज्ञापन
पार्षदों ने अध्यक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए बैठक को गैर कानूनी और कब्जाधारकों को मदद देने वाली करार दिया। इससे पूर्व बैठक के दौरान पार्षदों ने जंजघर और पार्किंग के बकाया की वसूली की बात अध्यक्ष के सामने रखी और वसूली के बाद दोनों के टेंडर नए सिरे से करवाने की बात कही। इस मौके पर पार्षद अंजलि मल्होत्रा ने कहा कि कब्जाधारक डिफाल्टर हो चुके हैं ऐसे में उनसे वसूली के बाद उन्हें ही दोबारा जिम्मेदारी सौंपना ठीक नहीं होगा। इस मुद्दे पर बात शुरू होते ही मीटिंग हाल में बहस छिड़ गई।
विज्ञापन
नगर परिषद अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने एक बार फिर नगर परिषद के सभी किरायेदारों से वसूली की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि जंजघर और पार्किंग के अलावा बस स्टैंड का रैन बसेरा और गांधी कांपलेक्स की दुकानों सहित अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान भी हैं जिन पर नगर परिषद की देनदारी बनती है। नगर परिषद इन सभी से वसूली करे तो आय का एक साधन विकसित हो सकता है। जबकि पार्षद जंजघर और पार्किंग को खाली करवाने पर अड़े थे और उन्होंने बैठक का बहिष्कार कर दिया। बैठक का बहिष्कार करने वालों में नगर परिषद उपाध्यक्ष मोहित ढल्ल, पार्षद अंजलि मल्होत्रा, धीर बड़याल व धन्नो देवी शामिल हैं।
विज्ञापन
नगर परिषद में घोटाले, सीबीआई करे जांच : अंजलि
चौगान वार्ड की पार्षद अंजलि मल्होत्रा का कहना है कि नगर परिषद में बड़े पैमाने पर धांधली चल रही है। जिसकी सीबीआई से जांच होनी चाहिए। सोमवार को नगर परिषद की बैठक गैर कानूनी ढंग से कब्जाधारकों को फायदा पहुंचाने के लिए बुलाई गई थी। जो लोग पहले ही डिफाल्टर हैं उन्हें दोबारा किराया देने के बावजूद कब्जा नहीं दिया जा सकता है। उनसे वसूली की जाए और नगर परिषद ई-टेंडर के माध्यम से दोबारा जंजघर और पार्किंग को अलॉट करे।
हमने नहीं किए घोटाले, करवा लो जांच : अध्यक्ष
नगर परिषद अध्यक्ष नीलम नैय्यर का कहना है कि उन्होंने हाल ही में कुर्सी संभाली है और उनसे पहले की नगर परिषद में क्या हुआ, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। न उन्होंने कोई घोटाला किया है और न ही होने देंगे। उन्होंने कहा कि नगर परिषद के भवनों पर कब्जे हैं और कब्जाधारक किराया नहीं दे रहे हैं। इनसे वसूली पर सभी पार्षद एकमत हैं। वसूली के बाद सभी की दोबारा से नीलामी की जा सकती है।
15 दिन में खाली करना होगा जंजघर : ईओ
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ललित कुमार का कहना है कि जंजघर के संचालक को नोटिस जारी कर दिया गया है और आगामी 15 दिनों में उसे जंजघर खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों पर अमल न हुआ तो सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।