{"_id":"64a30b94203da34a14024701","slug":"panic-of-leopard-in-kanhei-village-villagers-panic-chamba-news-c-88-1-ssml1004-2387-2023-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: कन्हेई गांव में तेंदुए की दहशत, ग्रामीण सहमे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: कन्हेई गांव में तेंदुए की दहशत, ग्रामीण सहमे
Mon, 03 Jul 2023 11:25 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 03 Jul 2023 11:25 PM IST
विज्ञापन
चंबा। जिला मुख्यालय के वार्ड मुगला के गांव कन्हेई में इन दिनों तेंदुए का आतंक है। गांव में लोगों को कई बार दिन में भी तेंदुआ दिखाई दिया है। इसकी वजह से दोपहर के समय भी लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। गांव के बच्चों को स्कूल जाने में भी परेशानी हो रही है। बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए अभिभावकों को उनके साथ जाना पड़ता है।
रात को अकेले अगर आपाताकालीन स्थिति में कहीं आना-जाना हो तो किसी न किसी को साथ में लेकर ही जाना पड़ता है। अब तो तेंदुआ घरों के आसपास भी दिखने लगा है जिससे लोगों को अपने बच्चों को घर के अंदर ही रखना पड़ रहा है। यहां तक कि ग्रामीण अपने मवेशियों को भी अकेले जंगल में चराने के लिए नहीं ले जा सकते हैं। जो तेंदुआ दिख रहा है उसके साथ तीन छोटे बच्चे भी हैं और इस स्थिति में यह तेंदुआ लोगों के लिए और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। यह गांव घने जंगल से घिरा हुआ है और यहां के घर भी एक-दूसरे से काफी दूर हैं। इसकी वजह से यहां लोग अब रात के अंधेरे में मशालें जलाकर या टार्च या अन्य रोशनी के सहारे से आवाजाही करने को विवश हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार से आग्रह किया है कि तेंदुए को पकड़कर कहीं जंगल में दूर छोड़ा जाए। ग्रामीणों ने वन्य प्राणी विभाग से तेंदुए के आतंक से उन्हें निजात दिलवाने की मांग उठाई है।
विज्ञापन
रात को अकेले अगर आपाताकालीन स्थिति में कहीं आना-जाना हो तो किसी न किसी को साथ में लेकर ही जाना पड़ता है। अब तो तेंदुआ घरों के आसपास भी दिखने लगा है जिससे लोगों को अपने बच्चों को घर के अंदर ही रखना पड़ रहा है। यहां तक कि ग्रामीण अपने मवेशियों को भी अकेले जंगल में चराने के लिए नहीं ले जा सकते हैं। जो तेंदुआ दिख रहा है उसके साथ तीन छोटे बच्चे भी हैं और इस स्थिति में यह तेंदुआ लोगों के लिए और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। यह गांव घने जंगल से घिरा हुआ है और यहां के घर भी एक-दूसरे से काफी दूर हैं। इसकी वजह से यहां लोग अब रात के अंधेरे में मशालें जलाकर या टार्च या अन्य रोशनी के सहारे से आवाजाही करने को विवश हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार से आग्रह किया है कि तेंदुए को पकड़कर कहीं जंगल में दूर छोड़ा जाए। ग्रामीणों ने वन्य प्राणी विभाग से तेंदुए के आतंक से उन्हें निजात दिलवाने की मांग उठाई है।
विज्ञापन