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Chamba News: साल की पहली बर्फबारी में ही देश-दुनिया से कटा पांगी
Wed, 31 Jan 2024 10:45 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 31 Jan 2024 10:45 PM IST
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चंबा के पांगी में बर्फबारी के बाद का नजारा।संवाद
चंबा। साल की पहली बर्फबारी के साथ ही जनजातीय क्षेत्र पांगी का संपर्क कुल्लू-लाहौल समेत शेष विश्व से कट गया है।
तांदी में भूस्खलन के चलते किलाड़-कुल्लू मार्ग यातायात के लिए बंद हो गया है। बीआरओ ने मार्ग को बहाल करने का काम शुरू कर दिया है। बर्फबारी के बीच मार्ग बहाल करना चुनौती बन रहा है। चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र भरमौर, पांगी, डलहौजी और चुराह की चोटियों और ऊपरी क्षेत्र में 7.62 से 22.86 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फबारी हुई है। निचले क्षेत्रों में जमकर बारिश होने से क्षेत्र शीतलहर की चपेट में है। पांगी में एक दर्जन संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। बर्फ के बीच लोग पैदल आवाजाही करते रहे।
पांगी के किलाड़ में 15.24 सेंटीमीटर और ऊपरी चोटियों हुडान भटोरी, चस्क भटोरी, परमार भटोरी, सुराल भुटोरी, साच पास में 22.86 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई। बर्फबारी का क्रम मंगलवार देर रात को शुरू हो गया था। किलाड़ डिपो से विभिन्न रूटों पर भेजी गईं बसों को वापस बुलाया गया। बुधवार को पांगी की अधिकतर सड़कें बंद रहीं। बिजली गुल होने से घाटी की दो दर्जन पंचायतों में अंधेरा छाया रहा। पावर हाउस साच की जगह-जगह लाइन खराब होने से यह दिक्कत आई है।
-- होटल व्यवसायियों के चेहरे
बारिश और बर्फबारी के बाद जिले के होटल व्यवसायियों के चेहरे खिल उठे हैं। नववर्ष के जश्न के बाद दो सप्ताह तक हिमपात न होने से पर्यटन स्थल डलहौजी और खज्जियार में सैलानियों की आमद काफी कम हो गई थी। इक्का-दुक्का सैलानी ही आ रहे थे। जनवरी के आखिरी सप्ताह में सैलानियों की आमद बढ़ी। अब बर्फबारी होने के बाद सैलानियों की आमद बढ़ने के कयास लगाए जा रहे हैं।
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किसानों-बागवानों के लिए राहत लाई बारिश
किसानों-बागवानों-पशुपालकों के लिए बर्फबारी और बारिश वरदान साबित हो सकती है। खेतों में सूखने की कगार पर पहुंची गेहूं, जौ की फसल के साथ सब्जियों को नमी मिली है। बगीचों में नमी होने से बागवान अब सर्दकालीन फलदार पौधे रोपित कर सकते हैं। उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह, कृषि उपनिदेशक कुलदीप धीमान ने बारिश और बर्फबारी को किसानों के लिए वरदान करार दिया है। बताया कि बारिश और बर्फबारी के बाद बागवान फलदार पौधों को रोपित कर सकते हैं।
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नदी-नालों के पास न जाएं लोग
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के बाद जिला प्रशासन ने बर्फबारी और बारिश के क्रम को देखते हुए बर्फबारी वाले क्षेत्रों में लोगों से बेवजह घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और खड्डों से दूर रहें।
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तांदी में भूस्खलन के चलते किलाड़-कुल्लू मार्ग यातायात के लिए बंद हो गया है। बीआरओ ने मार्ग को बहाल करने का काम शुरू कर दिया है। बर्फबारी के बीच मार्ग बहाल करना चुनौती बन रहा है। चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र भरमौर, पांगी, डलहौजी और चुराह की चोटियों और ऊपरी क्षेत्र में 7.62 से 22.86 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फबारी हुई है। निचले क्षेत्रों में जमकर बारिश होने से क्षेत्र शीतलहर की चपेट में है। पांगी में एक दर्जन संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। बर्फ के बीच लोग पैदल आवाजाही करते रहे।
पांगी के किलाड़ में 15.24 सेंटीमीटर और ऊपरी चोटियों हुडान भटोरी, चस्क भटोरी, परमार भटोरी, सुराल भुटोरी, साच पास में 22.86 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई। बर्फबारी का क्रम मंगलवार देर रात को शुरू हो गया था। किलाड़ डिपो से विभिन्न रूटों पर भेजी गईं बसों को वापस बुलाया गया। बुधवार को पांगी की अधिकतर सड़कें बंद रहीं। बिजली गुल होने से घाटी की दो दर्जन पंचायतों में अंधेरा छाया रहा। पावर हाउस साच की जगह-जगह लाइन खराब होने से यह दिक्कत आई है।
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बारिश और बर्फबारी के बाद जिले के होटल व्यवसायियों के चेहरे खिल उठे हैं। नववर्ष के जश्न के बाद दो सप्ताह तक हिमपात न होने से पर्यटन स्थल डलहौजी और खज्जियार में सैलानियों की आमद काफी कम हो गई थी। इक्का-दुक्का सैलानी ही आ रहे थे। जनवरी के आखिरी सप्ताह में सैलानियों की आमद बढ़ी। अब बर्फबारी होने के बाद सैलानियों की आमद बढ़ने के कयास लगाए जा रहे हैं।
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किसानों-बागवानों के लिए राहत लाई बारिश
किसानों-बागवानों-पशुपालकों के लिए बर्फबारी और बारिश वरदान साबित हो सकती है। खेतों में सूखने की कगार पर पहुंची गेहूं, जौ की फसल के साथ सब्जियों को नमी मिली है। बगीचों में नमी होने से बागवान अब सर्दकालीन फलदार पौधे रोपित कर सकते हैं। उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह, कृषि उपनिदेशक कुलदीप धीमान ने बारिश और बर्फबारी को किसानों के लिए वरदान करार दिया है। बताया कि बारिश और बर्फबारी के बाद बागवान फलदार पौधों को रोपित कर सकते हैं।
नदी-नालों के पास न जाएं लोग
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के बाद जिला प्रशासन ने बर्फबारी और बारिश के क्रम को देखते हुए बर्फबारी वाले क्षेत्रों में लोगों से बेवजह घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और खड्डों से दूर रहें।

चंबा के पांगी में बर्फबारी के बाद का नजारा।संवाद