सरकारी कर्मचारियों पर प्रचार करने के आरोप
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पंचायत चुनाव प्रचार के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन की चार शिकायतें प्रशासन के पास पहुंची हैं। इनमें से तीन का निपटारा कर दिया गया है, जबकि एक मामले की जांच जारी है। तीन सरकारी कर्मचारियों के छुट्टी लेकर अपने रिश्तेदारों का प्रचार करने की शिकायत उपायुक्त कार्यालय तक पहुंची थी। जिन कर्मचारियों की शिकायत की गई है उनमें से एक लोक निर्माण विभाग, एक सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत है। जबकि चौथा पंचायत का सचिव है जिस पर प्रचार करने का आरोप लगा है। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पहली तीन शिकायतों के आधार पर तीनों कर्मचारियों के विभागों को नोटिस के माध्यम से अवगत करवा दिया है और तीनों कर्मचारियों के प्रचार पर रोक लगा दी है। साथ ही संबंधित विभाग अधिकारियों को मामले की जांच करने के भी निर्देश दिए गए हैं। यह तीनों शिकायतें इन पंचायतों में चुनाव लड़ रहे दूसरे उम्मीदवारों ने दर्ज करवाई थीं। इसके बाद शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की गई है। जबकि, चौथी शिकायत एक पंचायत सचिव की है जो शुक्रवार को ही पंचायतीराज विभाग कार्यालय में दर्ज हुई है। इस शिकायत में पंचायत सचिव पर प्रचार करने का आरोप है। विभाग इस मामले की जांच कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
शिकायतों पर तत्काल हुई कार्रवाई : उपायुक्त
उधर, उपायुक्त एम सुधा देवी का कहना है कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की अब तक चार शिकायतें सामने आई हैं। इनमें सरकारी कर्मचारियों द्वारा प्रचार करने की बात कही गई थी। इन सभी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि आचार संहिता के उल्लंघन की किसी को भी इजाजत नहीं दी जाएगी और ऐसी कार्रवाई मतदान प्रक्रिया पूरी होने तक जारी रहेगी।