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Chamba News: टीबी रोगी के इलाज में पंचायत प्रतिनिधि निभाएंगे अहम भूमिका

Thu, 16 Mar 2023 10:47 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Thu, 16 Mar 2023 10:47 PM IST
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Panchayat representatives will play an important role in the treatment of TB patients
चंबा। टीबी रोगी के इलाज में अब पंचायत प्रतिनिधि अपनी अहम भूमिका निभाएंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से पंचायत प्रतिनिधियों को टीबी रोग के विषय पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों को समझाया गया कि टीबी किस प्रकार से फैलता है और उसके लक्षण और बचाव के क्या तरीके हैं।
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इसको लेकर पंचायत प्रतिनिधियों को कार्यशाला में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। वीरवार को खंड विकास अधिकारी चंबा के सभागार में टीबी हारेगा, देश जीतेगा कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें 35 पंचायत प्रधानों ने भाग लिया। कार्यशाला में उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर हरित पुरी ने बताया कि टीबी कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। यदि किसी व्यक्ति को लगातार दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी है, वजन कम हो रहा हो, भूख कम लगे, बुखार, रात को पसीना आए, छाती या पीठ का दर्द या थूक में खून आए तो उसे जल्द नजदीक के अस्पताल में पहुंचकर अपने बलगम की जांच करवानी चाहिए। पॉजिटिव आने पर उसे निशुल्क दवाई उसके घर पर पहुंचा दी जाती है। रोगी को यह दवाई छह महीने तक नियमित तौर पर खानी पड़ती है। इसके साथ ही रोगी को 500 रुपये महीना स्वास्थ्य विभाग की तरफ से (डाइट मनी) दिया जाता है।
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उन्होंने कहा कि पंचायत में यदि कोई टीबी का रोगी हो तो पंचायत प्रतिनिधि उसका निक्षय मित्र बनकर उसके पोषण की जिम्मेदारी उठा सकते हैं। इसमें वह टीबी रोगियों की पोषण सहायता छह महीने से तीन वर्ष तक कर सकता है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों के साथ एड्स होने के कारणों और इससे बचने के उपायों के बारे में भी विस्तार से चर्चा की। एचआईवी ज्यादातर 15 से 45 साल तक के आयु वर्ग में पाया गया है। कहा कि यदि इस कमाने वाली उम्र में कोई एचआईवी पॉजिटिव हो जाए तो परिवार का पालन पोषण दुर्लभ हो जाता है। एचआइवी का टेस्ट स्वास्थ्य उपकेंद्र में मुफ्त करवाया जा सकता है। इस दौरान उन्हें विभाग की अन्य योजनाओं से भी अवगत करवाया गया।
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