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चंबा में माता पिता को खो देने वाले बेसहारा बच्चों की सुरक्षित होगी सुरक्षित
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चंबा। जिले में माता-पिता खोने वाले आठ बच्चों की संपत्ति को सुरक्षित किया जाएगा। इस संदर्भ में जिला बाल संरक्षण इकाई चंबा ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। इकाई ने इस संदर्भ में जिला राजस्व अधिकारी से पत्राचार किया है।
इसमें बच्चों के नामों की सूची भी अंकित है। इस सूची के आधार पर जिला राजस्व अधिकारी ने संबंधित तहसीलदार के माध्यम से पटवारियों को संपत्ति को सुरक्षित करने के आदेश दिए हैं। माना जा रहा है कि एक हफ्ते के भीतर यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। बेसहारा बच्चों के नाम संपत्ति होने से यह सुरक्षित हो जाएगी। इस तरह की पहल करने का मकसद बेसहारा बच्चों की संपत्ति को अन्य लोगों से बचाना है ताकि बाद में यह संपत्ति इन बेसहारा बच्चों के काम आ सके।
कोरोना महामारी के दो सालों में आठ बच्चों के माता-पिता की मौत हुई है। इनके देहांत का कारण अन्य रहा। कोरोना संक्रमण से इन अभिभावकों की मौत नहीं हुई है। जिला बाल संरक्षण इकाई ने ऐसे बच्चों की तलाश के लिए एक अभियान चलाया था। अभियान के तहत इन बच्चों की जानकारियां जुटाई गई। अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई। इनमें छह बच्चे बाल संरक्षण इकाई की देख-रेख संस्थान में पढ़ाई कर रहे हैं। दो बच्चे रिश्तेदारों के पास हैं।
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जिला बाल संरक्षण इकाई अधिकारी धर्मपाल ने कहा कि जिला चंबा में आठ बच्चों के माता पिता की मौत कोरोना काल में हुई है। बेसहारा बच्चों की संपत्ति को सुरक्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। एक सप्ताह के भीतर यह संपत्ति बच्चों के नाम हो जाएगी।
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इसमें बच्चों के नामों की सूची भी अंकित है। इस सूची के आधार पर जिला राजस्व अधिकारी ने संबंधित तहसीलदार के माध्यम से पटवारियों को संपत्ति को सुरक्षित करने के आदेश दिए हैं। माना जा रहा है कि एक हफ्ते के भीतर यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। बेसहारा बच्चों के नाम संपत्ति होने से यह सुरक्षित हो जाएगी। इस तरह की पहल करने का मकसद बेसहारा बच्चों की संपत्ति को अन्य लोगों से बचाना है ताकि बाद में यह संपत्ति इन बेसहारा बच्चों के काम आ सके।
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कोरोना महामारी के दो सालों में आठ बच्चों के माता-पिता की मौत हुई है। इनके देहांत का कारण अन्य रहा। कोरोना संक्रमण से इन अभिभावकों की मौत नहीं हुई है। जिला बाल संरक्षण इकाई ने ऐसे बच्चों की तलाश के लिए एक अभियान चलाया था। अभियान के तहत इन बच्चों की जानकारियां जुटाई गई। अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई। इनमें छह बच्चे बाल संरक्षण इकाई की देख-रेख संस्थान में पढ़ाई कर रहे हैं। दो बच्चे रिश्तेदारों के पास हैं।
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जिला बाल संरक्षण इकाई अधिकारी धर्मपाल ने कहा कि जिला चंबा में आठ बच्चों के माता पिता की मौत कोरोना काल में हुई है। बेसहारा बच्चों की संपत्ति को सुरक्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। एक सप्ताह के भीतर यह संपत्ति बच्चों के नाम हो जाएगी।