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Chamba News: मणिमहेश यात्राः घोड़े-खच्चरों के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए भी एक ही रास्ता
Wed, 20 Sep 2023 05:50 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 20 Sep 2023 05:50 AM IST
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भरमौर (चंबा)। पवित्र मणिमहेश यात्रा में अव्यवस्था हावी है। इसका खामियाजा यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को उठाना पड़ रहा है। आलम, ये है कि यात्रा के दौरान हड़सर से पवित्र मणिमहेश डलझील तक घोड़े-खच्चरों और श्रद्धालुओं के लिए ही एक ही चलने योग्य कच्चा रास्ता है। इस वजह से श्रद्धालुओं को परेशानियों का ही सामना करना पड़ रहा है।
पंजाब से यात्रा पर पहुंचे श्रद्धालुओं में दलीप सिंह, मुकेश कुमार, रणदीप, महेंद्र कुमार ने बताया कि प्रशासन को यात्रा से पूर्व श्रद्धालुओं और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही के लिए अलग-अलग रास्तों की व्यवस्था करनी चाहिए। घोड़ों और खच्चरों के साथ ही यात्रियों के लिए भी एक ही रास्ता होने से आवाजाही करने में परेशानी हो रही है।
जम्मू-कश्मीर के डोडा और भद्रवाह से पहुंचे श्रद्धालु राकेश कुमार, नरेश कुमार, प्रताप चंद और अशोक कुमार ने बताया कि कच्चे रास्ता पर अगर सामने से कोई घोड़ा-खच्चर आ जाए तो श्रद्धालुओं को पीछे हटना पड़ता है। इसके अलावा खड़ी चढ़ाई पर श्रद्धालुओं को अकसर हादसा होने का भय सताता रहता है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। खैर इस वर्ष तो यात्रा चल रही है लेकिन आगामी वर्षों श्रद्धालुओं और घोड़े-खच्चरों के लिए अलग-अलग से रास्तों का प्रावधान किया जाना चाहिए।
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पंजाब से यात्रा पर पहुंचे श्रद्धालुओं में दलीप सिंह, मुकेश कुमार, रणदीप, महेंद्र कुमार ने बताया कि प्रशासन को यात्रा से पूर्व श्रद्धालुओं और घोड़े-खच्चरों की आवाजाही के लिए अलग-अलग रास्तों की व्यवस्था करनी चाहिए। घोड़ों और खच्चरों के साथ ही यात्रियों के लिए भी एक ही रास्ता होने से आवाजाही करने में परेशानी हो रही है।
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जम्मू-कश्मीर के डोडा और भद्रवाह से पहुंचे श्रद्धालु राकेश कुमार, नरेश कुमार, प्रताप चंद और अशोक कुमार ने बताया कि कच्चे रास्ता पर अगर सामने से कोई घोड़ा-खच्चर आ जाए तो श्रद्धालुओं को पीछे हटना पड़ता है। इसके अलावा खड़ी चढ़ाई पर श्रद्धालुओं को अकसर हादसा होने का भय सताता रहता है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। खैर इस वर्ष तो यात्रा चल रही है लेकिन आगामी वर्षों श्रद्धालुओं और घोड़े-खच्चरों के लिए अलग-अलग से रास्तों का प्रावधान किया जाना चाहिए।
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