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एसडीएम कार्यालय के क्लर्क को एक वर्ष की कैद, अस्सी हजार जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला, चंबा
Updated Sat, 17 Dec 2016 06:51 PM IST
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न्यायालय
- फोटो : file photo
एसडीएम कार्यालय भरमौर की लाइसेंस शाखा के एक क्लर्क पर हेराफेरी का दोष साबित होने पर न्यायालय ने एक वर्ष की कैद और अस्सी हजार रुपये जुर्माना अदा करने सजा सुनाई है। यह फैसला एलडी चीफ जज मजिस्ट्रेट चंबा राजिंद्र कुमार ने सुनाया। इस मामले की पैरवी सहायक न्यायवादी केएस जरयाल ने की है।
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यह मामला एसडीएम भरमौर द्वारा पुलिस थाना भरमौर में दर्ज करवाया गया था। जिसके अनुसार जब भरमौर एसडीएम कार्यालय में वार्षिक ऑडिट चले हुए थे तो यहां की लाइसेंस शाखा में लगभग 1 लाख 43 हजार 715 रुपये की हेराफेरी सामने आई। यह धनराशि सरकारी कोष में जमा नहीं करवाई गई थी।
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विभाग के अनुसार एसडीएम कार्यालय भरमौर की लाइसेंस शाखा में ओंकार सिंह पुत्र महेश दास निवासी गरनोटा तहसील सिहुंता जिला चंबा हिमाचल प्रदेश का क्लर्क वाहनों का टोकन टैक्स और अन्य तरह की लाइसेंस फीस एकत्रित करता था। विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि ओंकार सिंह ने विभागीय रिकॉर्ड के दस्तावेजों से भी हेराफेरी की थी। जिसके बाद आरोपी ओंकार सिंह पर पुलिस थाना भरमौर में भादंसं की धारा 409, 467, 468 व 471 के तहत आपरधिक मामला दर्ज होकर अदालत के पास पहुंचा।
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जहां पर सुनवाई के दौरान सभी सुबूतों और गवाहों ने ओंकार सिंह को दोषी साबित किया। जिसके चलते आरोपी को एक वर्ष की कैद और अस्सी हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा हुई है।