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Chamba News: चेक बाउंस मामले के दोषी को एक साल का कारावास, 3.4 लाख रुपये जुर्माना
Sat, 07 Oct 2023 11:00 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 07 Oct 2023 11:00 PM IST
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चंबा। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सुभाष चंद भसीन की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में दोषी को एक वर्ष का साधारण कारावास और 3,40,000 लाख रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
बेटे की शादी करवाने के लिए आरोपी ने एक व्यक्ति से 17 दिसंबर, 2018 को 2,40,000 लाख का ऋण लिया था। जमानत के तौर पर आरोपी ने शपथ पत्र बनवाकर उसे चेक सौंपे। आरोपी ने छह माह के भीतर उधार लिए पैसे वापस करने की बात कही। इस पर व्यक्ति ने उसे पैसे उधार दे दिए, लेकिन निर्धारित समयावधि के बाद भी पैसे वापस न मिलने पर व्यक्ति ने आरोपी से संपर्क साधकर उधार लिए पैसे लौटने की बात कही। इस पर आरोपी आज-कल में पैसे लौटाने की बात करने लगा। विश्वास कर व्यक्ति ने उसे और समय दे दिया। तीन माह बीतने के बाद भी पैसे न मिलने के बाद आरोपी ने व्यक्ति का फोन उठाना भी बंद कर दिया। इसके बाद व्यक्ति ने आरोपी की तलाश कर उससे पैसे मांगे, लेकिन उसने टाल-मटोल करनी शुरू कर दी है। इस पर व्यक्ति ने उसके दिए चेक बैंक में लगा दिए। आरोपी के बैंक खाते में पैसे न होने पर चेक बाउंस हो गया। बैंक प्रबंधन की ओर से व्यक्ति से संपर्क साधकर खाते में पैसे न होने की बात बताई गई। यह बात सुनकर व्यक्ति के पांव तले जमीन खिसक गई। उसने आरोपी के बैंक खाते में पैसे न होने पर चेक बाउंस होने की बताई। इस पर आरोपी उसके साथ बहस करने लगा। बहरहाल, व्यक्ति ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर की। मामले के तहत मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने दोष साबित होने पर फैसला सुनाते हुए उसे एक वर्ष का साधारण कारावास और 3,40,000 लाख रुपये अदा करने के आदेश दिए।
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बेटे की शादी करवाने के लिए आरोपी ने एक व्यक्ति से 17 दिसंबर, 2018 को 2,40,000 लाख का ऋण लिया था। जमानत के तौर पर आरोपी ने शपथ पत्र बनवाकर उसे चेक सौंपे। आरोपी ने छह माह के भीतर उधार लिए पैसे वापस करने की बात कही। इस पर व्यक्ति ने उसे पैसे उधार दे दिए, लेकिन निर्धारित समयावधि के बाद भी पैसे वापस न मिलने पर व्यक्ति ने आरोपी से संपर्क साधकर उधार लिए पैसे लौटने की बात कही। इस पर आरोपी आज-कल में पैसे लौटाने की बात करने लगा। विश्वास कर व्यक्ति ने उसे और समय दे दिया। तीन माह बीतने के बाद भी पैसे न मिलने के बाद आरोपी ने व्यक्ति का फोन उठाना भी बंद कर दिया। इसके बाद व्यक्ति ने आरोपी की तलाश कर उससे पैसे मांगे, लेकिन उसने टाल-मटोल करनी शुरू कर दी है। इस पर व्यक्ति ने उसके दिए चेक बैंक में लगा दिए। आरोपी के बैंक खाते में पैसे न होने पर चेक बाउंस हो गया। बैंक प्रबंधन की ओर से व्यक्ति से संपर्क साधकर खाते में पैसे न होने की बात बताई गई। यह बात सुनकर व्यक्ति के पांव तले जमीन खिसक गई। उसने आरोपी के बैंक खाते में पैसे न होने पर चेक बाउंस होने की बताई। इस पर आरोपी उसके साथ बहस करने लगा। बहरहाल, व्यक्ति ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर की। मामले के तहत मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने दोष साबित होने पर फैसला सुनाते हुए उसे एक वर्ष का साधारण कारावास और 3,40,000 लाख रुपये अदा करने के आदेश दिए।
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